अंबेडकरनगर में बिजली बिल बकायेदारों पर विभाग सख्त, 20 करोड़ की वसूली के लिए चलेगा विशेष अभियान
अंबेडकरनगर में बिजली बिल बकायेदारों पर सख्त अभियान। जिले के लगभग 1.40 लाख उपभोक्ता डिफाल्टर घोषित किए गए हैं, जिन पर कुल 20 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

1.40 लाख उपभोक्ताओं पर है 20 करोड़ का बकाया
अंबेडकरनगर जिले में बिजली विभाग ने बकायेदारों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान छेड़ने का निर्णय लिया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 1.40 लाख ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने लंबे समय से अपने बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है। इन उपभोक्ताओं पर कुल 20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बकाया है। विभाग अब इस बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
विद्युत निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब बकायेदारों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। वसूली की प्रक्रिया को तेज करने के लिए भू-राजस्व की तर्ज पर कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत बकायेदारों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि सरकारी राजस्व की वसूली सुनिश्चित की जा सके।
कनेक्शन काटने और मीटर उखाड़ने की होगी कार्रवाई
अभियान के तहत केवल आरसी जारी करना ही एकमात्र कदम नहीं होगा। विभाग की टीमें पुलिस बल के साथ मिलकर बकायेदारों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करेंगी। इस दौरान बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे और मीटर उखाड़ने की कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग ने उन उपभोक्ताओं को विशेष रूप से निशाने पर लिया है जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद से आज तक एक भी बिल जमा नहीं किया है।
कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले के प्रत्येक उपखंड में चार सदस्यीय विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अकबरपुर, जलालपुर, टांडा और आलापुर डिवीजनों में सक्रिय रहेंगी। जिले में कुल 4.30 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा डिफाल्टरों का है, जिससे विभाग की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एकमुश्त समाधान योजना के बाद भी नहीं सुधरे हालात
विद्युत निगम ने इससे पहले जनवरी से मार्च के बीच तीन चरणों में 'एकमुश्त समाधान योजना' (OTS) संचालित की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को ब्याज और मूलधन में छूट देकर बिल जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना था। हालांकि, विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ नहीं उठाया, जिसके कारण अब विभाग को कठोर रुख अपनाना पड़ रहा है।
अकेले अकबरपुर डिवीजन की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। यहां लगभग 70 हजार उपभोक्ता डिफाल्टर की श्रेणी में आते हैं, जिन पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। विभाग ने इन बड़े बकायेदारों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया है और जल्द ही इनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत आरसी जारी की जाएगी।
विभाग की अपील: कार्रवाई से बचने के लिए बिल जमा करें
अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग का लक्ष्य हर महीने दो से तीन हजार आरसी जारी करना है ताकि बकाया वसूली की गति बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि बकायेदारों की सूची में कमी नहीं आ जाती। विभाग ने सभी संबंधित उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपना बकाया बिल जमा कर दें ताकि उन्हें बिजली कनेक्शन कटने और कानूनी कार्रवाई जैसी असुविधाओं का सामना न करना पड़े।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!