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रतलाम: दूषित पानी पीने से 80 ग्रामीण बीमार, गांव में मचा हड़कंप

Ratlam Ajampur Dodhiya contaminated well water outbreak health camp updates. रतलाम जिले के पिपलौदा तहसील के गांव आजमपुर डोडिया में कुएं के दूषित पानी पीने से लोगों की तबीयत खराब हो गई। उल्टी दस्त व पेट दर्द से करीब 80 लोग बीमार हो गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

18 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 856
रतलाम: दूषित पानी पीने से 80 ग्रामीण बीमार, गांव में मचा हड़कंप
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पिपलौदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव में फैला संक्रमण

रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के अंतर्गत आने वाले आजमपुर डोडिया गांव में अचानक फैली बीमारी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गांव के करीब 80 लोग दूषित पानी के सेवन के कारण उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से गांव में डेरा डाल दिया है और प्रभावितों का उपचार शुरू किया है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों से गांव के कई घरों में लोग बीमार पड़ रहे थे। शुक्रवार दोपहर तक जब मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ, तब स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार और तहसीलदार पिंकी साठे अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

अस्पताल में भर्ती और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

बीमारी की चपेट में आए 80 लोगों में से 20 मरीजों की हालत अधिक खराब होने पर उन्हें पिपलौदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में सभी को ड्रिप चढ़ाई गई और आवश्यक उपचार दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उपचार के बाद सभी मरीजों की स्थिति अब सामान्य है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इसके अतिरिक्त, गांव में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर घर-घर जाकर लोगों की जांच की गई और दवाइयां वितरित की गईं।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव की आबादी लगभग 650 है और यहां पानी के लिए मुख्य रूप से कुओं पर निर्भरता है। नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति तो है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं होने के कारण ग्रामीण कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुएं की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण पानी दूषित हो गया है।

कुआं सील, जांच के लिए भेजे गए सैंपल

प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए संबंधित कुएं को सील कर दिया है। पीएचई विभाग की टीम ने कुएं के पानी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पानी के दूषित होने के सटीक कारणों और बीमारी के स्रोत की पुष्टि हो सकेगी।

गांव के निवासी दीपक मालवीय ने बताया कि उनके परिवार के 9 सदस्यों में से 7 लोग बीमार हैं। इसी तरह उषा चौहान ने बताया कि उनके परिवार के 13-14 सदस्यों में से अधिकांश लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। पूरे गांव में लगभग हर घर से कोई न कोई व्यक्ति बीमार है, जिससे ग्रामीणों में काफी दहशत का माहौल है।

प्रशासन की निगरानी जारी

बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे फिलहाल कुएं के पानी का उपयोग न करें और केवल उबला हुआ या शुद्ध पानी ही पिएं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई और कुएं की सफाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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