सोनीपत: बिजली संकट से बेहाल लोगों का फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
Sonipat power crisis protest news, residents block roads against electricity department. सोनीपत शहर में लगातार गहराते बिजली संकट ने अब जनआक्रोश का रूप ले लिया है। शनिवार को शहर के दो अलग-अलग मुख्य मार्गों की सड़क पर स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के सोनीपत शहर में पिछले कई दिनों से जारी बिजली कटौती और तकनीकी खामियों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को यह आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया, जब शहर के दो प्रमुख इलाकों में स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जाम लगा दिया। घंटों की बिजली कटौती और पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया।
दो मुख्य मार्गों पर घंटों लगा रहा जाम
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र सूरी पेट्रोल पंप के पास वाली गली और ओल्ड रोहतक रोड स्थित प्रभु नगर व ब्रह्म कॉलोनी रहे। सूरी पेट्रोल पंप के सामने विशाल नगर के निवासियों ने सुबह करीब 8 बजे से 11 बजे तक सड़क जाम रखा। प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर और रस्सी बांधकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। वहीं, ओल्ड रोहतक रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने भी लोगों ने बिजली की लचर व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस प्रदर्शन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं का कहना था कि बिजली न होने के कारण घरों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है। भीषण गर्मी के बीच कूलर और पंखे बंद होने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की स्थिति दयनीय हो गई है। लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही शिकायतों का समाधान करते हैं।
जर्जर ट्रांसफार्मर और विभाग की अनदेखी
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। निवासियों का कहना है कि कई इलाकों में ट्रांसफार्मर जर्जर हो चुके हैं और बिजली के तारों में अक्सर स्पार्किंग व आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। विभाग समय रहते मरम्मत करने के बजाय किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी समस्या स्थानीय विधायक और विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाई, लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला।
प्रदर्शनकारियों ने विभाग के कर्मचारियों पर भी बदसलूकी और सरकारी नंबर बंद रखने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब भी वे शिकायत के लिए फोन करते हैं, तो या तो नंबर बंद मिलते हैं या फिर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। इस उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण ही जनता को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
प्रशासन का आश्वासन और भविष्य की चेतावनी
जाम की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सुधारने और तकनीकी खामियों को दूर करने का भरोसा दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे बाद जाम खोला गया और यातायात बहाल हुआ। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे और भी बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सोनीपत में गहराता यह बिजली संकट प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में आम नागरिक अब अपनी मांगों को लेकर मुखर हो रहे हैं। फिलहाल, इलाके के लोग बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
