बक्सर सरपंच हत्याकांड: 17 लोगों पर केस दर्ज, 4 गिरफ्तार; सरपंच संघ ने की मुआवजे की मांग
Buxar Sarpanch Subhash Singh murder case investigation and arrests updates. बक्सर के चिलबिला गांव में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बक्सर में सरपंच की हत्या से आक्रोश
बिहार के बक्सर जिले के चिलबिला गांव में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह की निर्मम हत्या के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।
इटाढ़ी थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तेजनारायण सिंह, रंगनाथ सिंह, पूनम देवी और बुद्धा देवी शामिल हैं। पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद चिलबिला गांव में स्थित डेढ़ बीघा जमीन की जुताई को लेकर शुरू हुआ था। दो पक्षों के बीच उपजा यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। हमले के दौरान लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सरपंच सुभाष सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ मौजूद उनके दो पुत्र, अखिलेश सिंह और वेंकटेश सिंह भी इस हमले में जख्मी हुए हैं।
घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने सरपंच सुभाष सिंह को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
सरपंच संघ की प्रशासन से बड़ी मांगें
सरपंच की हत्या के विरोध में बक्सर सरपंच संघ लामबंद हो गया है। संघ के अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मृतक के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इसके साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की जिम्मेदारी भी प्रशासन को उठाने को कहा गया है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि जमीन विवाद की जानकारी पहले से होने के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई। संघ ने मांग की है कि जिले के सभी जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा प्रदान की जाए, लंबित आर्म्स लाइसेंस आवेदनों का निपटारा हो और मुख्य गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आगे की कार्रवाई और जांच
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले के सभी फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सरपंच संघ ने इस पूरे मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के जरिए कराने की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अनुसंधान निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
