बड़वानी: बिना कोचिंग नीट परीक्षा में सायमा ने लहराया परचम, सरकारी स्कूल की छात्रा बनी प्रेरणा
Barwani PM Shree School student Sayma Mansuri NEET 2026 success news. बड़वानी जिले के पीएम श्री एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंजड़ की छात्रा सायमा सरफराज मंसूरी ने पहले ही प्रयास में NEET 2026 परीक्षा में 548 अंक हासिल कर एमबीबीएस के लिए क्वालीफाई किया है। शनिवार को स्कूल में आयोजित समारोह में सायमा और उनके परिवार का सम्मान किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। जिले के अंजड़ स्थित पीएम श्री एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा सायमा सरफराज मंसूरी ने नीट (NEET) 2026 की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एमबीबीएस के लिए क्वालीफाई किया है। सायमा ने पहले ही प्रयास में 548 अंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
बिना कोचिंग के हासिल की बड़ी उपलब्धि
सायमा की इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इसके लिए किसी भी निजी कोचिंग संस्थान या ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। उन्होंने पूरी तैयारी स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत के दम पर की। सायमा ने बताया कि कक्षा 11वीं से ही उनके शिक्षकों ने उन्हें नीट की तैयारी के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया था, जिसका परिणाम आज उनके सामने है।
उनके संघर्ष की कहानी बेहद भावुक है। सायमा के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका है। घर की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए उनकी मां सिलाई का काम करती हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सायमा ने हार नहीं मानी। वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में भी अपनी मां का पूरा सहयोग करती थीं और बचे हुए समय का सदुपयोग अपनी पढ़ाई में करती थीं।
स्कूल में हुआ भव्य सम्मान समारोह
शनिवार को पीएम श्री एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सायमा के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ललित कुमार लोनारिया ने सायमा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में सायमा के परिवार के सदस्यों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था और उन्हें भी सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान सायमा ने अपनी स्कूल की अन्य छात्राओं के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे निरंतर अभ्यास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें इस कठिन परीक्षा को पार करने में मदद की। उनकी सफलता को देखकर विद्यालय की अन्य छात्राओं में भी उत्साह का माहौल है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दी बधाई
सायमा की इस उपलब्धि की गूंज प्रशासनिक स्तर तक भी पहुंची। बड़वानी कलेक्टर जयती सिंह ने सायमा से फोन पर बात की और उन्हें इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी। कलेक्टर ने कहा कि सायमा की मेहनत और लगन आज की पीढ़ी के लिए एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने सायमा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और सायमा जैसी छात्राएं अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
यह सफलता साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। सायमा का अगला लक्ष्य अब एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
