NEET-UG 2026: मध्य प्रदेश के होनहारों ने लहराया परचम, इंदौर के आराध्य और हरदा की आयुषी ने किया कमाल
NEET 2026 toppers Aradhya Garg and Ayushi Sharma share success secrets. NEET-UG 2026 के परिणामों में मध्य प्रदेश के दो होनहार विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इंदौर के आराध्य गर्ग ने ऑल इंडिया रैंक 110 और जनरल कैटेगरी में 85वीं रैंक हासिल कर शहर में टॉप किया, जबकि हरदा की आयुषी शर्मा ने 666 अंक और AIR 657 के साथ प्रदेश की गर्ल्स टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

NEET-UG 2026 के हालिया घोषित परिणामों ने मध्य प्रदेश के मेधावी छात्रों की प्रतिभा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है। राज्य के दो विद्यार्थियों ने विपरीत परिस्थितियों और परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों के बीच असाधारण प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। इंदौर के रहने वाले आराध्य गर्ग ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 110 हासिल कर शहर में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं हरदा की आयुषी शर्मा ने 666 अंकों के साथ प्रदेश की गर्ल्स टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
चुनौतियों को बनाया अपनी ताकत
इस वर्ष की परीक्षा प्रक्रिया के दौरान पेपर लीक और री-नीट जैसी अनिश्चितताओं ने लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और तैयारी पर गहरा असर डाला था। आराध्य और आयुषी ने स्वीकार किया कि उस दौरान दबाव महसूस होना स्वाभाविक था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। आराध्य ने बताया कि परीक्षा स्थगित होने के बाद भी उन्होंने अपने आत्मविश्वास को डिगने नहीं दिया और नियमित मेडिटेशन व मानसिक अनुशासन के जरिए अपनी तैयारी को धार दी।
आयुषी शर्मा का अनुभव भी कुछ ऐसा ही रहा। उन्होंने साझा किया कि शुरुआती दौर में अनिश्चितता के कारण पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना कठिन था, लेकिन उन्होंने जल्द ही खुद को संभाला। उन्होंने अपनी दिनचर्या को फिर से व्यवस्थित किया और उसी समर्पण के साथ दोबारा पढ़ाई शुरू की, जो अंततः उनकी सफलता का आधार बनी।
मानसिक स्थिरता और अनुशासन का महत्व
आराध्य गर्ग, जिन्होंने 700 में से 690 अंक प्राप्त किए हैं, का स्पष्ट मानना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता केवल किताबों के ज्ञान से नहीं मिलती। उनके अनुसार, सफलता में 50 प्रतिशत योगदान मानसिक स्थिरता और सकारात्मक दृष्टिकोण का होता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय योग और प्राणायाम को दिया है, जिसने उन्हें तनावमुक्त रहने में मदद की। उनका मानना है कि NEET केवल एक पड़ाव है, जबकि असली लक्ष्य एक बेहतर डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।
दूसरी ओर, आयुषी शर्मा ने अपनी सफलता के लिए सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाने और कोचिंग के अनुशासित माहौल को श्रेय दिया। कठिन प्रश्नों की नियमित प्रैक्टिस और निरंतरता ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। आयुषी का सपना AIIMS से मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर एक कुशल चिकित्सक बनना है। पढ़ाई के अलावा उन्हें स्केचिंग और डांसिंग का भी शौक है, जो उन्हें मानसिक रूप से तरोताजा रखता है।
अभिभावकों का सहयोग और सकारात्मक माहौल
इन छात्रों की सफलता के पीछे उनके परिवारों का अटूट समर्थन भी रहा है। आराध्य के पिता योगी गर्ग ने बताया कि उन्होंने कभी भी बेटे पर रैंक या अंकों का दबाव नहीं बनाया, बल्कि हमेशा उसे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने माना कि बच्चों को केवल सही मार्गदर्शन और एक सकारात्मक वातावरण की आवश्यकता होती है।
हरदा में भौतिकी के सहायक प्राध्यापक और आयुषी के पिता मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि बच्चों की मेहनत ही उनकी असली पहचान है। वहीं, आराध्य की मां पिंकी गर्ग ने अन्य अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि बच्चों की तुलना कभी भी दूसरों से नहीं करनी चाहिए। परिवार द्वारा पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति का ध्यान रखना ही उनकी सफलता की नींव साबित हुआ।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
