NEET-UG 2026 परिणाम घोषित: राजस्थान के दो छात्रों ने टॉप-10 में बनाई जगह, पांशुल और आर्यन रहे संयुक्त टॉपर
एनटीए ने गुरूवार देर रात को नीट यूजी का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट आने के बाद से ही स्टूडेंटस वेबसाइट पर लॉगिन कर रहे है, जिसके चलते रिजल्ट पेज भी क्रेश हो रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एनटीए ने जारी किए नीट यूजी 2026 के नतीजे
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात नीट यूजी-2026 के बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस परीक्षा में देशभर के लाखों छात्रों ने भाग लिया था, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल और आयुष जैसे विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सफल घोषित किए गए हैं। परिणाम जारी होने के बाद से ही आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर भारी ट्रैफिक देखा जा रहा है, जिसके कारण कई बार तकनीकी बाधाएं भी आ रही हैं।
परीक्षा के नतीजों में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से ऑल इंडिया टॉप किया है। बिहार के आयुष ने चौथी रैंक हासिल की है। उल्लेखनीय है कि पांशुल और आयुष दोनों ने अपनी तैयारी के लिए कोटा के कोचिंग संस्थानों का रुख किया था, जो एक बार फिर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कोटा की सफलता को रेखांकित करता है।
राजस्थान के छात्रों का शानदार प्रदर्शन
राजस्थान के छात्रों ने इस बार भी अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। राज्य के दो छात्रों ने टॉप-10 की सूची में अपनी जगह पक्की की है। उपलक्ष्य गोयल ने 714 अंकों के साथ तीसरी रैंक हासिल की है, जबकि गौरव सिंह ने 712 अंकों के साथ 9वीं रैंक प्राप्त की है। आंकड़ों के अनुसार, सफल होने वाले उम्मीदवारों में छात्राओं का प्रतिशत 58% से अधिक रहा है, जबकि छात्रों की संख्या 55.1% दर्ज की गई है।
यह परिणाम फाइनल आंसर-की जारी होने के कुछ ही मिनटों बाद घोषित किया गया। इससे पहले, रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स शीट जारी होने के बाद से ही छात्र बेसब्री से नतीजों का इंतजार कर रहे थे। परीक्षा का आयोजन 21 जून को देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा विदेशों में भी किया गया था, जिसमें कुल 551 शहरों के 5,440 केंद्रों पर छात्र शामिल हुए थे।
परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी
आगामी वर्षों के लिए सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का निर्णय लिया है। वर्ष 2027 से नीट यूजी परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। वर्तमान में यह परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में होती है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। हालांकि, परीक्षा के सिलेबस, प्रश्नों की संख्या और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
छात्रों को नई ऑनलाइन प्रणाली से परिचित कराने के लिए एनटीए की ओर से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह निर्णय जून 2024 में गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली इस समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
