करनाल: सड़क हादसे के बाद बुजुर्ग महिला की थम गई थीं सांसें, नर्सिंग छात्रा ने सीपीआर देकर बचाई जान
Nursing student Sonakshi saves elderly woman life after road accident in Karnal. करनाल जिला के असंध क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद घायल बुजुर्ग महिला की जान बचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हादसे के बाद महिला को सांस नहीं आ रही थी और मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के करनाल जिले के असंध क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद मानवता की एक मिसाल देखने को मिली है। एक बुजुर्ग महिला की जान बचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नर्सिंग छात्रा अपनी सूझबूझ और तत्परता से महिला को पुनर्जीवित करती नजर आ रही है। इस घटना ने साबित कर दिया है कि आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार का ज्ञान किसी के जीवन के लिए वरदान साबित हो सकता है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 15 जुलाई की है। कुरुक्षेत्र के ईशाकपुर की रहने वाली करीब 65 वर्षीय रोशनी देवी बस से उतरकर सड़क पार कर रही थीं, तभी एक सरकारी बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला सड़क पर गिर गई और उनकी सांसें बंद होने लगीं। मौके पर मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने रहे, लेकिन उसी समय वहां से गुजर रही नर्सिंग छात्रा सोनाक्षी ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया।
सोनाक्षी, जो करनाल के गांधी कॉलेज में नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा है, तुरंत बस से नीचे उतरी और भीड़ को हटाकर घायल महिला के पास पहुंची। उसने बिना समय गंवाए महिला को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। लगभग दो से तीन मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद महिला की सांसें वापस लौट आईं, जिससे वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
अस्पताल तक जारी रखा उपचार
घटना के दौरान एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद एक स्थानीय राहगीर ने अपनी कार से महिला को अस्पताल ले जाने में मदद की। सोनाक्षी ने कार में भी महिला को सीपीआर देना जारी रखा और अस्पताल पहुंचने तक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी। करनाल के निजी विर्क अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि यदि समय रहते सीपीआर नहीं दिया जाता, तो महिला की जान बचाना मुश्किल हो सकता था।
घायल महिला के भाई सतपाल ने बताया कि उनकी बहन सुरक्षित है और उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें सीपीआर के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन सोनाक्षी की तत्परता ने उनकी बहन को नई जिंदगी दी है। परिजनों ने बस चालक के खिलाफ जुंडला चौकी में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अनुशासित परिवार से है सोनाक्षी
सोनाक्षी के पिता चनवा राम एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हैं और वर्तमान में हरियाणा पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं। परिवार में शुरू से ही अनुशासन और सेवा भाव का माहौल रहा है, जिसका प्रभाव सोनाक्षी के इस साहसिक कदम में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। स्थानीय लोगों और पूर्व सैनिकों ने छात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उसने समाज में एक बड़ा संदेश दिया है कि संकट के समय घबराने के बजाय आगे बढ़कर मदद करना सबसे बड़ा धर्म है।
चिकित्सकों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। सोनाक्षी का यह प्रयास न केवल एक परिवार की खुशियां बचाने में सफल रहा, बल्कि यह समाज के लिए एक सीख भी है कि प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण हर नागरिक के लिए कितना आवश्यक है। फिलहाल, घायल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और पुलिस मामले की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
