जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक पर हमले का दावा, 21वें दिन भी जारी है अनशन
सोनम वांगचुक के समर्थक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सोनम वांगचुक पर हमला करने की कोशिश की। उनके मुताबिक, वांगचुक की ओर एक वस्तु फेंकी गई, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं आई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सोनम वांगचुक पर हमले की कोशिश का आरोप
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ अज्ञात लोगों ने वांगचुक पर हमला करने का प्रयास किया। दिपके के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान वांगचुक की दिशा में पत्थर फेंका गया, हालांकि इस घटना में उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है।
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी देते हुए दावा किया कि उन्हें पहले ही पुलिस के सूत्रों से ऐसी चेतावनी मिली थी कि आंदोलन को बाधित करने के लिए असामाजिक तत्वों को भेजा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वांगचुक की सुरक्षा को लेकर कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
स्वास्थ्य पर गहराता संकट और ऋतिक रोशन का समर्थन
सोनम वांगचुक का अनशन अब 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य में भारी गिरावट देखी जा रही है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका वजन करीब 9.5 किलो कम हो चुका है और शुक्रवार तक उनका वजन घटकर 56.55 किलो रह गया था। उनके साथ अनशन पर बैठे अन्य साथियों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है।
इस बीच, बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन ने सोशल मीडिया पर वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वांगचुक का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि एक शिक्षक की भूमिका निभाने के दौरान उन्हें छात्रों के मानसिक तनाव और दबाव का अहसास हुआ था, जिसके चलते वे इस आंदोलन के प्रति सहानुभूति रखते हैं।
संसद मार्च और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
वांगचुक ने अपने एक हालिया संदेश में स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को संसद मार्च हर हाल में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने दृढ़ता व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस आंदोलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब व्यापक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए हैं।
आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए, हालांकि उन्होंने संदेह जताया कि सरकार ऐसा करने का साहस नहीं जुटा पाएगी। वहीं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी छात्रों के दर्द को साझा करते हुए सरकार से तत्काल बातचीत करने की अपील की है। जेडीयू और एलजेपी जैसे दलों ने भी मामले के समाधान के लिए सरकार को पहल करने का सुझाव दिया है।
पृष्ठभूमि और लद्दाख का संघर्ष
सोनम वांगचुक का यह संघर्ष केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है। इससे पहले वे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। पिछले साल लेह में हुई हिंसा के बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था और वे करीब 170 दिन जोधपुर जेल में रहे थे। वर्तमान में, वे कॉकरोच जनता पार्टी के साथ मिलकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!