संभल एमपी-एमएलए कोर्ट: सपा विधायक, स्वामी प्रसाद मौर्य और इमरान मसूद पर दर्ज मामलों में 4 अगस्त को सुनवाई
संभल की एमपी-एमएलए कोर्ट में 4 अगस्त को दो महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होगी। इन मामलों में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद, पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद आरोपी हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के संभल जिले की एमपी-एमएलए अदालत में आगामी 4 अगस्त को दो हाई-प्रोफाइल मामलों की सुनवाई निर्धारित की गई है। इन मामलों में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद, पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद मुख्य रूप से आरोपी हैं। इन नेताओं पर सार्वजनिक मंचों और मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है, जिसके चलते कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
कांवड़ियों पर टिप्पणी का मामला
पहला मामला सपा विधायक इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से संबंधित है। हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने पिछले वर्ष 21 अगस्त को अदालत में याचिका दायर की थी। आरोप है कि इन नेताओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों और कांवड़ियों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। परिवादी का दावा है कि इन टिप्पणियों ने समाज में द्वेष फैलाने का काम किया है और धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।
इस मामले में साक्ष्य के तौर पर आशीष गुप्ता के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्होंने 21 जुलाई 2025 को समाचार पत्रों के माध्यम से इन बयानों की जानकारी प्राप्त की थी। 4 अगस्त को होने वाली सुनवाई में गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जो इस मामले की गंभीरता को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
शहीद भगत सिंह पर विवादित बयान
दूसरा मामला कांग्रेस सांसद इमरान मसूद से जुड़ा है, जिन पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तुलना हमास से करने का गंभीर आरोप है। यह परिवाद शहीद कर्नल सुरेश गुप्ता के पुत्र सिमरन गुप्ता द्वारा 1 अप्रैल 2026 को दाखिल किया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सांसद द्वारा की गई यह तुलना न केवल अनुचित है, बल्कि देश के महान क्रांतिकारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भी है।
शिकायत के अनुसार, यह कथित बयान 28 अक्टूबर 2026 को टीवी चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हुआ था। परिवादी ने इसे राष्ट्र की गरिमा और शहीदों के प्रति अपमानजनक करार दिया है। अदालत ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की राह
संभल की एमपी-एमएलए अदालत में इन दोनों मामलों की सुनवाई पर राजनीतिक गलियारों की भी नजर है। चूंकि ये मामले प्रमुख राजनीतिक हस्तियों से जुड़े हैं, इसलिए इनका कानूनी परिणाम भविष्य में इन नेताओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। अदालत अब साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही तय करेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित नेताओं को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, सभी पक्षों की निगाहें 4 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इन विवादित बयानों से जुड़े तथ्यों का बारीकी से परीक्षण करेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!