जैसलमेर एलडीसी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामला: कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी, एसओजी जांच की मांग
एलडीसी भर्ती परीक्षा के नकल मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने जांच की धीमी रफ्तार पर गंभीर सवाल उठाए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एलडीसी भर्ती परीक्षा में धांधली के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा
जैसलमेर में एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान हुई कथित नकल और पेपर लीक के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार देते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान चेतावनी दी कि यदि इस मामले में दो दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी 25 जुलाई को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी।
अमरदीन फकीर ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस गंभीर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच में यह पहले ही स्पष्ट हो चुका है कि प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर गया था, जिसे केवल नकल का मामला बताकर हल्का किया जा रहा है। कांग्रेस की मांग है कि इसे पेपर लीक का मामला माना जाए और इसकी निष्पक्ष जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) से कराई जाए।
आरोपियों की गिरफ्तारी और मोबाइल फोरेंसिक जांच की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मामले के मुख्य आरोपी पदम सिंह द्वारा अपना मोबाइल फोन तोड़कर नष्ट किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं थी, तो आरोपी को मोबाइल तोड़ने की आवश्यकता क्यों पड़ी? उन्होंने मांग की है कि उस मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में पांच लोग नामजद थे, लेकिन केवल दो की गिरफ्तारी हुई है, जबकि बाकी तीन अभी भी खुले घूम रहे हैं।
फकीर ने यह भी आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों को जमानत मिलने के बावजूद विभाग ने अब तक निलंबन जैसी कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और मामले की तह तक जांच नहीं होती, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
पिछले तीन वर्षों की परीक्षाओं की हो सघन जांच
कांग्रेस ने इस मामले को एक बड़े नकल गिरोह से जोड़ते हुए पिछले तीन वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग की है। अमरदीन फकीर का मानना है कि यह केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने मांग की है कि उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के पिछले तीन साल के रिकॉर्ड खंगाले जाएं, जिनकी ड्यूटी संदिग्ध परीक्षा केंद्रों पर रही थी। साथ ही, उन केंद्रों से चयनित हुए अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की भी सघन जांच होनी चाहिए।
उन्होंने पटवारी, ग्राम सेवक और शिक्षक भर्ती जैसी पिछली परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही परिवार के कई सदस्यों के चयन के मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि नकल माफिया के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
अदालती कार्यवाही और भविष्य की रणनीति
उल्लेखनीय है कि हाल ही में जैसलमेर की एक अदालत ने मुख्य आरोपी पदम सिंह और मनु कंवर को जमानत दे दी है। जमानत के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं ने पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने से पहले अवैध हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद अदालत ने मेडिकल जांच के निर्देश दिए थे। इस कानूनी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस का आक्रामक रुख प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
आगामी 25 जुलाई को होने वाले प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन और उग्र होगा। पार्टी ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन के दौरान होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
