पानीपत: इसराना तहसील की नई बिल्डिंग में आमजन के लिए मुसीबत, पटवारी केबिन तक पहुंचना बना जोखिम
Israna Tehsil new building construction issues and public access problems. पानीपत जिले के इसराना तहसील परिसर की नई बिल्डिंग लगभग तैयार है। पटवारी केबिन तक पहुंचने के लिए लोगों को 4 से 5 फुट की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

इसराना तहसील की नई इमारत में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
पानीपत जिले के इसराना तहसील परिसर में बनी नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन यह इमारत आम जनता के लिए राहत के बजाय परेशानी का सबब बन गई है। तहसील परिसर में पटवारी केबिन को नई बिल्डिंग में स्थानांतरित तो कर दिया गया है, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता बेहद दुर्गम बना हुआ है। निर्माण के दौरान आसपास के क्षेत्र में मिट्टी का भराव न किए जाने के कारण लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए 4 से 5 फीट की ऊंची चढ़ाई चढ़नी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन ने बिल्डिंग तो खड़ी कर दी, लेकिन परिसर के बाहर की व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया। पटवारी केबिन तक जाने के लिए कोई पक्का रास्ता या ढलान नहीं बनाई गई है, जिससे आम नागरिकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। स्थिति यह है कि बिना किसी सहारे के इस ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।
बारिश में फिसलन और बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा
मानसून के दौरान यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। हल्की बारिश होने पर भी कच्चा रास्ता कीचड़ और फिसलन भरा हो जाता है, जिससे यहां से गुजरना खतरनाक हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक कई लोग इस रास्ते पर फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए तो यह रास्ता किसी बाधा से कम नहीं है, क्योंकि उनके लिए इतनी ऊंची चढ़ाई चढ़ना लगभग असंभव सा हो गया है।
ओमप्रकाश, रमेश चंद्र और समर सिंह जैसे स्थानीय किसानों ने बताया कि पटवारी केबिन तक पहुंचने के लिए कोई सुरक्षित रास्ता न होने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो खुद पटवारी भी अपने केबिन तक पहुंचने में असमर्थ महसूस करते हैं। यदि समय रहते इस रास्ते को समतल नहीं किया गया, तो बारिश के दिनों में यहां पहुंचना पूरी तरह बंद हो सकता है।
प्रशासन से सुगम रास्ते की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पटवारी केबिन तक पहुंचने के लिए तत्काल मिट्टी का भराव करवाया जाए और एक सुगम रास्ता तैयार किया जाए। लोगों का तर्क है कि जब तहसील परिसर का निर्माण किया गया था, तो आमजन की सुविधा का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए थी। फिलहाल, पार्किंग के लिए पेड़ काटने की अनुमति न मिलने का मामला भी लंबित है, जिससे परिसर का विकास कार्य पूरी तरह से सुचारू नहीं हो पा रहा है।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस रास्ते को दुरुस्त नहीं किया गया, तो उन्हें अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी तहसील के चक्कर काटने में भारी जोखिम उठाना पड़ेगा। इसराना के नागरिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित अधिकारी स्थिति की गंभीरता को समझेंगे और जल्द ही इस समस्या का निराकरण करेंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
