किशनगंज में अवैध लॉटरी का बड़ा रैकेट ध्वस्त: 9 हजार टिकटों के साथ 4 गिरफ्तार
Kishanganj illegal lottery ticket racket busted by police with cash seizure. किशनगंज सदर थाना पुलिस ने अवैध लॉटरी टिकट बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। सोमवार शाम सदर थाना क्षेत्र की डांगी बस्ती में छापेमारी कर चार युवकों को गिरफ्तार किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डांगी बस्ती में पुलिस ने छापेमारी कर चार युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध लॉटरी टिकट और नकद राशि बरामद की गई है, जो क्षेत्र में चल रहे एक बड़े अवैध नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
छापेमारी में बरामद हुआ भारी जखीरा
सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डांगी बस्ती इलाके में अवैध रूप से लॉटरी टिकटों की खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक घर में दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 9,000 अवैध लॉटरी टिकट जब्त किए। इसके अतिरिक्त, कारोबार से जुड़ी 25,450 रुपये की नकद राशि भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।
जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार संजय साहा के किराए के मकान से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस स्थान को सील कर दिया है और वहां से बरामद साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के दायरे में रखा गया है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
पश्चिम बंगाल से जुड़ा है कनेक्शन
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुंदन कुमार (डांगी बस्ती), छोटू यादव (दिलावरगंज), बिनोद गुप्ता (दिलावरगंज) और उमेश सहनी (धर्मगंज) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में इन युवकों ने स्वीकार किया कि वे ये लॉटरी टिकट पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर से लाते थे और किशनगंज के विभिन्न इलाकों में खपाते थे।
आरोपियों ने बताया कि वे लंबे समय से इस काम में लिप्त थे और डांगी बस्ती स्थित किराए के कमरे का उपयोग इन टिकटों को सुरक्षित रखने और वितरण केंद्र के रूप में करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पश्चिम बंगाल में उन्हें यह खेप कौन उपलब्ध कराता था और इस नेटवर्क के पीछे मुख्य सरगना कौन है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध लॉटरी के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर अवैध लॉटरी का काम करने वालों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अवैध कार्यों के खिलाफ आगे भी सघन अभियान चलाया जाएगा। पकड़े गए आरोपियों को जल्द ही न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस मामले में पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जो इन टिकटों को खरीदने के लिए मुख्य ग्राहक थे। अवैध लॉटरी का यह धंधा न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी गलत रास्ते पर धकेलता है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
