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17 साल के छात्र की अनूठी पहल: 'स्वयं' नेटवर्क से दुनिया के 25 देशों में जगी उम्मीद

महज 17 साल की उम्र में छात्र ईशान बजाज ने एक स्कूल प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय सामाजिक पहल का रूप देने का दावा किया है। वर्ष 2025 में शुरू किया गया उनका संगठन स्वयं अब 25 देशों में सक्रिय युवा-संचालित एलजीबीटीक्यूआईए+ समावेशी नेटवर्क बनने का दावा करता है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

14 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
17 साल के छात्र की अनूठी पहल: 'स्वयं' नेटवर्क से दुनिया के 25 देशों में जगी उम्मीद
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नई दिल्ली के रहने वाले 17 वर्षीय छात्र ईशान बजाज ने एक ऐसी सामाजिक पहल की शुरुआत की है, जिसने बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। एक स्कूल प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ 'स्वयं' आज एक वैश्विक एलजीबीटीक्यूआईए+ (LGBTQIA+) समावेशी नेटवर्क के रूप में उभरकर सामने आया है। वर्ष 2025 में स्थापित इस संगठन का दावा है कि यह वर्तमान में दुनिया के 25 देशों में सक्रिय है और युवाओं के लिए एक मजबूत सहारा बन चुका है।

छोटे शहरों तक पहुंच और जागरूकता का विस्तार

संगठन का मुख्य उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना है। विशेष रूप से उन छोटे शहरों और कस्बों में, जहां इस समुदाय के लिए संसाधनों और समर्थन की भारी कमी देखी जाती है, 'स्वयं' ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। संगठन ने प्राइड कार्यक्रमों, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और रोजगार से जुड़ी पहलों के माध्यम से हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का दावा किया है।

आंकड़ों के अनुसार, कानपुर, लखनऊ, जयपुर, देहरादून और चंडीगढ़ जैसे भारतीय शहरों के साथ-साथ फिलीपींस जैसे अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों से करीब 40 हजार लोग सीधे तौर पर जुड़े हैं। वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से संगठन की पहुंच 4 लाख से अधिक लोगों तक हो चुकी है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

रोजगार और कौशल विकास पर जोर

ईशान बजाज द्वारा शुरू किए गए इस नेटवर्क की सबसे बड़ी उपलब्धि इसके री-स्किलिंग और रोजगार कार्यक्रम को माना जा रहा है। संगठन का दावा है कि उन्होंने अब तक करीब 200 लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी दिलाने में मदद की है। यह पहल समुदाय के युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।

वर्तमान में 'स्वयं' का कार्यक्षेत्र केवल भारत तक सीमित नहीं है। संगठन पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, इटली, मंगोलिया और फिलीपींस सहित कुल 25 देशों में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है। यह युवा-संचालित नेटवर्क सीमाओं से परे जाकर समावेशिता का संदेश फैला रहा है।

भविष्य की योजनाएं और आगामी अभियान

ईशान बजाज अब अपनी अगली बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं। आगामी 8 अगस्त को 'हमारी आवाज' नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों के शहरों में ट्रांसजेंडर अधिकारों के समर्थन में छात्र भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके जरिए वे युवाओं को सामाजिक न्याय और समानता के प्रति जागरूक करने का प्रयास करेंगे।

एक किशोर द्वारा शुरू की गई यह पहल यह साबित करती है कि यदि इरादे नेक हों, तो उम्र बाधा नहीं बनती। 'स्वयं' ने न केवल एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय के लिए एक सुरक्षित मंच तैयार किया है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और स्वीकार्यता का भाव जगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आने वाले समय में यह नेटवर्क और अधिक युवाओं को जोड़ने और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की तैयारी में है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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