पिंजौर मैंगो फेयर: राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने चखा आमों का स्वाद, भारतीय किस्मों की जमकर की तारीफ
उन्होंने कहा कि लंगड़ा और चौसा जैसी किस्में पूरी तरह भारतीय हैं। इनका स्वाद आज पूरी दुनिया में फैला हुआ है और ये बेजोड़ हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ऐतिहासिक यादविंदर गार्डन में सजा आमों का संसार
पंचकूला जिले के पिंजौर स्थित ऐतिहासिक यादविंदर गार्डन में 33वें मैंगो मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले में आम की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और मेले का अवलोकन किया।
सांसद कार्तिकेय शर्मा ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉल्स का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने न केवल आम की नई और अनोखी किस्मों के बारे में जानकारी ली, बल्कि वहां प्रदर्शित आमों का स्वाद भी चखा। इस दौरान उन्होंने आम उत्पादकों के प्रयासों की सराहना की और मेले के आयोजन को किसानों के लिए एक बेहतरीन मंच बताया।
भारतीय आमों की वैश्विक पहचान पर गर्व
मेले के दौरान सांसद कार्तिकेय शर्मा ने भारत की पारंपरिक आम किस्मों को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विशेष रूप से लंगड़ा और चौसा किस्मों का जिक्र करते हुए कहा कि ये पूरी तरह से भारतीय हैं और इनका स्वाद बेजोड़ है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय आमों की मिठास और खुशबू पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।
सांसद ने कहा कि भारत आम उत्पादन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक खेती के मेल से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आम की खेती में भारत की बढ़ती हुई साख से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम वाले आम रहे आकर्षण
इस मेले में एक विशेष आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम पर रखे गए आम थे। इन विशेष किस्मों के आमों ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने भी इन आमों को देखा और इनके नामकरण व उत्पादन को लेकर आयोजकों से चर्चा की।
अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए सांसद ने बताया कि हालांकि मेले में कई नई और अनोखी किस्में मौजूद हैं, लेकिन लंगड़ा, चौसा और दशहरी वे किस्में हैं जिन्हें खाकर वे बड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक किस्मों का स्वाद आज भी सबसे खास है और इनका कोई विकल्प नहीं है।
किसानों के लिए प्रोत्साहन का केंद्र
पिंजौर का यह मैंगो मेला न केवल आम प्रेमियों के लिए एक उत्सव है, बल्कि यह बागवानी करने वाले किसानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच है। यहां आने वाले उत्पादकों को अपनी उपज को प्रदर्शित करने और बाजार की मांग को समझने का मौका मिलता है। सांसद ने मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रहने चाहिए।
मेले में आम की दर्जनों किस्मों के अलावा बागवानी से जुड़ी अन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराई गईं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने इस मेले का आनंद लिया। सांसद की उपस्थिति ने मेले में आए किसानों और आम उत्पादकों का उत्साहवर्धन किया, जिससे बागवानी के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
