बूंदी: बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने वाली VDO के खिलाफ ACB का केस दर्ज
बूंदी जिले के केशवरायपाटन पंचायत समिति के ग्राम पंचायत भीया की ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ एसीबी ने मामला दर्ज किया है। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी सोनम नेहरा ने स्वच्छ भारत मिशन अभियान में 1.64 लाख के बिल पास करने की एवज में परिवादी से 25 हजार की रिश्वत मांगी थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के बूंदी जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। केशवरायपाटन पंचायत समिति की भीया ग्राम पंचायत में तैनात VDO सोनम नेहरा पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए कार्यों के बिलों को पास करने की एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। एसीबी ने विस्तृत जांच के बाद उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
मामले की शुरुआत तब हुई जब पंचायत राज विभाग के एक ठेकेदार ने 5 मई को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। ठेकेदार ने बताया कि उसने अगस्त 2025 में भीया ग्राम पंचायत में कचरा संग्रहण और साफ-सफाई का ठेका लिया था। कार्य पूरा होने के बाद दिसंबर में उसने कुल 1.64 लाख रुपए के तीन बिल भुगतान के लिए VDO सोनम नेहरा के पास जमा किए थे। आरोप है कि इन बिलों को पास करने के लिए VDO ने 25 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद 6 मई को इसका सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग को बढ़ाकर 76 हजार रुपए कर दिया गया, जिसमें से 51 हजार रुपए सरपंच के नाम पर मांगे जाने का दावा किया गया। इसके बाद एसीबी ने 7 मई को ट्रैप की योजना बनाई।
ट्रैप की भनक लगते ही फरार हुई VDO
7 मई को जब सह-परिवादी रिश्वत की रकम लेकर ग्राम पंचायत भवन पहुंचा, तो VDO ने उसे अपने किराए के मकान पर जाकर रकम उनके पति को देने का निर्देश दिया। हालांकि, उसी समय एसीबी की एक अन्य टीम सखावदा के VDO सतवीर सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने की कार्रवाई कर रही थी। जांच में सामने आया कि सतवीर सिंह और सोनम नेहरा के पति आपस में मित्र हैं।
जैसे ही सोनम नेहरा को सतवीर सिंह के पकड़े जाने और ट्रैप की भनक लगी, वे तुरंत अपने कार्यालय से फरार हो गईं। उनके पति ने भी सतर्कता बरतते हुए रिश्वत की रकम लेने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद से ही एसीबी मामले की गहनता से जांच कर रही थी।
एसीबी की जांच और आगे की कार्रवाई
एसीबी के एडिशनल एसपी मुकुल शर्मा के नेतृत्व में हुई इस जांच के बाद 13 जुलाई को सोनम नेहरा के खिलाफ आधिकारिक रूप से मामला दर्ज किया गया। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन से लोग शामिल थे, विशेषकर सरपंच के नाम पर मांगी गई अतिरिक्त राशि के दावों की भी पुष्टि की जा रही है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने और रिश्वतखोरी को बढ़ावा देने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, आरोपी VDO की तलाश और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाने का काम जारी है। इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
