हिसार पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति के खाते में लौटाए 35,800 रुपये
Hisar police cyber fraud relief ₹35,800 recovered. हिसार पुलिस ने साइबर ठगी के 35,800 रुपए लौटाए। इसके लिए पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त जैन (आईपीएस) ने उकलाना साइबर हेल्प डेस्क की टीम की सराहना की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के हिसार जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। उकलाना साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता के कारण एक पीड़ित के खाते से ठगी गई 35,800 रुपये की राशि को वापस दिलाने में पुलिस कामयाब रही है। इस कार्रवाई की सराहना पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने भी की है।
त्वरित कार्रवाई से मिली पीड़ित को राहत
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उकलाना थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हुई थी। जैसे ही पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी, उकलाना साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने बिना समय गंवाए मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने संबंधित बैंकों और डिजिटल भुगतान एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया, जिससे ठगी गई राशि को समय रहते ट्रेस कर लिया गया।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के चलते ठगों के खाते में गई राशि को होल्ड करवा दिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 35,800 रुपये की पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस लौटाई गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर पीड़ित ने हिसार पुलिस और उकलाना साइबर हेल्प डेस्क की टीम का आभार व्यक्त किया है।
पुलिस अधीक्षक की आमजन से विशेष अपील
हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने इस सफलता पर टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के मामलों में समय का बहुत महत्व होता है। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि ठगी गई राशि को वापस लाया जा सके।
एसपी ने आम नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, यूपीआई फ्रॉड या बैंकिंग संबंधी संदिग्ध गतिविधियों का शिकार होने पर तुरंत कदम उठाएं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसी स्थिति में देरी न करें और तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी
पुलिस प्रशासन का मानना है कि साइबर ठगों से बचने के लिए आमजन का जागरूक होना बेहद आवश्यक है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने या अपनी बैंकिंग जानकारी जैसे ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करने से बचना चाहिए। पुलिस समय-समय पर लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चला रही है।
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो वह राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। पुलिस का कहना है कि सही समय पर दी गई सूचना ही ठगों के मंसूबों को नाकाम करने और पीड़ित की राशि सुरक्षित वापस दिलाने में सबसे प्रभावी साबित होती है।
हिसार पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि पीड़ित समय रहते पुलिस को सूचित करे, तो साइबर अपराधियों के जाल से बचा जा सकता है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी साइबर अपराधों के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम जनता की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखा जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
