ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसाकर देशभर में ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार
अजमेर जिला पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर के लोगों से साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। रामगंज थाना पुलिस और जिला साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में नागौर के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अजमेर में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश
अजमेर जिला पुलिस और साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर में लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रामगंज थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर ठगी का कारोबार चला रहे नागौर निवासी तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वे पीड़ितों को फंसाने के लिए करते थे।
सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए बिछाते थे जाल
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन गेमिंग के लुभावने विज्ञापन चलाते थे। ये विज्ञापन मात्र एक-दो मिनट के होते थे, जिनमें गेम खेलने या इनाम जीतने का झांसा दिया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करता, उसे गेम में भाग लेने के नाम पर पैसे जमा करने को कहा जाता था। राशि प्राप्त होते ही आरोपी अपनी वेबसाइट बंद कर देते और पीड़ित से संपर्क पूरी तरह तोड़ लेते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ठगी की रकम सीधे अपने खातों में लेने के बजाय 'म्यूल अकाउंट्स' (दूसरे के नाम पर खुले खाते) का इस्तेमाल करते थे। इससे पुलिस की पकड़ से बचने में उन्हें आसानी होती थी। ये बदमाश पिछले 10-15 दिनों से रामगंज थाना इलाके में एक मकान किराए पर लेकर अपनी अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
पुलिस की दबिश और बरामदगी
13 जुलाई की रात गश्त के दौरान पुलिस को न्यू चंद्रा नगर के विनायक पथ स्थित एक मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। रामगंज थाना पुलिस और साइबर सेल प्रभारी विजय सिंह की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। वहां तीन युवक लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ठगी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप और छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रामाकिशन उर्फ प्रकाश भींचर समेत तीन युवक शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पुलिस उनके बैंक खातों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि ठगी गई कुल राशि का सटीक अनुमान लगाया जा सके।
आगे की जांच और पूछताछ
पुलिस ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। शुरुआती जांच से स्पष्ट है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल राजस्थान तक सीमित न होकर देशभर में फैला हुआ था, जिसके चलते कई राज्यों के लोग इनके शिकार बने हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड्स की जांच के बाद ही ठगी के वास्तविक आंकड़ों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान ऑनलाइन गेमिंग लिंक या इनाम के झांसे में न आएं और अपनी निजी बैंक जानकारी साझा न करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!