देवास: दहेज के लिए प्रताड़ित महिला की जिद, कहा- 'पति का साथ नहीं छोडूंगी'
Dewas woman reports dowry harassment and violence but insists on staying with husband. देवास में मंगलवार को जनसुनवाई में एक विवाहिता ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकालने के आरोप लगाए। टीना ने आवेदन में बताया कि शादी के कुछ समय बाद से ही उससे दहेज की मांग की जाने लगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जनसुनवाई में पहुंची पीड़िता, ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
देवास जिले में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक विवाहिता ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई। हाटपीपल्या तहसील के भोपापुरा गांव की रहने वाली टीना ने अपने ससुराल वालों पर दहेज की मांग करने, मारपीट करने और घर से बाहर निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए अपने वैवाहिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है।
आवेदन में टीना ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया था। दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इस मामले में पूर्व में भी हाटपीपल्या थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत न्यायालय में भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
समझौते के बाद भी नहीं थमा प्रताड़ना का सिलसिला
पीड़िता के अनुसार, पूर्व में समाज के हस्तक्षेप के बाद ससुराल वालों ने भविष्य में उसे परेशान न करने का लिखित आश्वासन दिया था। हालांकि, यह समझौता केवल कुछ दिनों तक ही प्रभावी रहा। टीना का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने फिर से 7 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। जब उसने इस मांग का विरोध किया, तो उसे बेरहमी से पीटा गया। पीड़िता के पास मारपीट के दौरान सिर में चोट लगने का वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है।
टीना ने बताया कि जब वह अपने परिजनों के साथ ससुराल पहुंची, तो उसे घर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। ससुराल वालों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक 7 लाख रुपये की मांग पूरी नहीं की जाएगी, तब तक उसे घर में नहीं रखा जाएगा। इस घटना ने महिला को गहरे संकट में डाल दिया है।
पति के साथ रहने की जिद पर अड़ी महिला
प्रताड़ना और मारपीट के बावजूद टीना का कहना है कि वह अपने पति का साथ नहीं छोड़ना चाहती। उसने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया कि उसे उसके वैवाहिक अधिकार दिलाए जाएं ताकि वह अपने पति के साथ सम्मानपूर्वक जीवन बिता सके। उसकी यह जिद मामले को और अधिक संवेदनशील बनाती है, क्योंकि वह कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अपने घर को बचाने की भी कोशिश कर रही है।
इस मामले पर एएसपी ट्रैफिक एच. बाथम ने जानकारी दी कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित थाने को मामले की जांच करने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ससुराल पक्ष द्वारा की गई मांग और मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
कानूनी और सामाजिक चुनौतियां
यह मामला घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों की ओर फिर से ध्यान आकर्षित करता है। एक ओर जहां कानून इन प्रताड़नाओं के खिलाफ सख्त है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक दबाव और पारिवारिक रिश्तों को बचाने की कोशिश में महिलाएं अक्सर दोराहे पर खड़ी नजर आती हैं। टीना का मामला इस बात का प्रमाण है कि कई बार पीड़िता कानूनी लड़ाई के साथ-साथ अपने वैवाहिक जीवन को बचाने की भी उम्मीद रखती है।
फिलहाल, पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पीड़िता की ओर से पेश किए गए वीडियो साक्ष्य और पूर्व के समझौतों के दस्तावेज जांच का मुख्य आधार बनेंगे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए यह चुनौती है कि वे न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करें, बल्कि पीड़िता को सुरक्षा भी प्रदान करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
