शिवहर: लोन के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में यूनियन बैंक मैनेजर गिरफ्तार, कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
शिवहर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत ऋण स्वीकृत करने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को बैंक का कामकाज सुबह से दोपहर 11:30 बजे तक लगभग ठप रहा, जिससे ग्राहक परेशान दिखे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में धांधली का मामला
बिहार के शिवहर जिले में भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। बैंक मैनेजर पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत ऋण स्वीकृत करने के एवज में भारी रिश्वत मांगने का आरोप है। पुलिस ने यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद अमल में लाई है।
गिरफ्तार किए गए बैंक मैनेजर की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से झारखंड के रांची के निवासी हैं। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय बैंक परिसर में हड़कंप मच गया और मंगलवार को सुबह से लेकर दोपहर करीब 11:30 बजे तक बैंक का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा, जिससे दूर-दराज से आए ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आरोप: 8 लाख के लोन के लिए मांगी गई मोटी रकम
मामले की शिकायत फतेहपुर थाना क्षेत्र के कहतरवा निवासी रोशन कुमार ने दर्ज कराई थी। पीड़ित का आरोप है कि उसने PMEGP योजना के तहत 8 लाख रुपये का ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। बैंक मैनेजर ने न केवल इस लोन को स्वीकृत करने, बल्कि उस पर मिलने वाले 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिलाने के नाम पर 1.90 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
रोशन कुमार का आरोप है कि जब उसने रिश्वत की मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो बैंक मैनेजर ने उसके आवेदन को दरकिनार कर दिया। इसके बाद, वह ऋण किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर स्वीकृत कर दिया गया। पीड़ित ने कई बार बैंक के चक्कर लगाए, लेकिन उसे हर बार निराशा ही हाथ लगी।
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस की कार्रवाई
जब बैंक स्तर पर कोई समाधान नहीं निकला, तो पीड़ित ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। फतेहपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए आरोपी मैनेजर संतोष कुमार को हिरासत में लिया गया है।
फिलहाल, आरोपी मैनेजर को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।
बैंक में हुई इस अप्रत्याशित गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्राहकों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें इस तरह की रिश्वतखोरी का सामना करना पड़ता है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन शामिल है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
