नवादा में गर्मी का कहर: सांप के डसने से चार घंटे में अस्पताल पहुंचे नौ लोग
Nawada heatwave sees rise in snakebite incidents. नवादा में भीषण गर्मी के बीच सांप काटने की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। रविवार शाम से देर रात तक महज चार घंटे के भीतर सांप के डंसने के नौ मरीज नवादा सदर अस्पताल पहुंचे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के नवादा जिले में भीषण गर्मी और उमस के बीच सांप के काटने की घटनाओं में अचानक भारी उछाल देखा गया है। रविवार की शाम से लेकर देर रात तक के महज चार घंटों के अंतराल में नौ लोग सांप के डसने के शिकार होकर नवादा सदर अस्पताल पहुंचे। इस स्थिति ने स्थानीय स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
अस्पताल में मरीजों की कतार
सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने जानकारी दी कि रविवार रात 8 बजे से 12 बजे के बीच जिले के विभिन्न इलाकों से सांप के काटने के नौ मामले सामने आए। अस्पताल पहुंचते ही सभी मरीजों को तत्काल प्रभाव से भर्ती किया गया और उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार समय रहते मिल सका, जिससे उनकी जान को खतरा कम हो गया।
अस्पताल में तैनात फिजिशियन डॉ. विक्रम कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की प्राथमिक जांच में जहरीले सांप के काटने की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक मरीज को 14-14 डोज एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए गए हैं। फिलहाल सभी मरीज डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अंधविश्वास से दूर रहने की सलाह
इलाज के दौरान एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें एक पीड़ित व्यक्ति सांप को मारकर अपने साथ अस्पताल ले आया। हालांकि, चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि उपचार का आधार सांप की पहचान नहीं, बल्कि मरीज के शरीर में दिख रहे लक्षण और चिकित्सकीय जांच होती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सांप को पकड़ने या मारने के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद न करें।
डॉ. विक्रम कुमार ने आम जनता से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या किसी भी प्रकार के अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हर एक मिनट कीमती होता है। घरेलू उपचार या तंत्र-मंत्र में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचना ही जीवन बचाने का एकमात्र सही तरीका है।
सावधानी और बचाव के उपाय
विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी और बरसात की शुरुआत के साथ ही सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख करते हैं। खेतों, बगीचों और झाड़ियों वाले इलाकों में इस दौरान खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि शाम और रात के समय खेतों या घने इलाकों में जाते समय टॉर्च का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। इसके अलावा, पैरों को पूरी तरह ढकने वाले जूते पहनें और किसी भी संदिग्ध स्थान या अंधेरे कोने में हाथ डालने से बचें। थोड़ी सी सावधानी और त्वरित चिकित्सकीय सहायता से अधिकांश मामलों में जान बचाई जा सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
