ब्रेकिंग
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 190 तहसीलदार और एसएलआर बने डिप्टी कलेक्टर, पदोन्नति आदेश जारीराजस्थान: सरकारी स्कूलों की मरम्मत में 503 करोड़ के कथित घोटाले पर कांग्रेस हमलावर, उच्च स्तरीय जांच की मांगसिवनी में दिनदहाड़े सूने मकान को बनाया निशाना, लाखों के जेवर और नकदी पर हाथ साफकुरुक्षेत्र: पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे बदमाश के पैर में लगी गोली, मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्तारअरवल में कुदरत का कहर: घर के आंगन में बैठी किशोरी पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर ही मौतबांसवाड़ा में पुलिस का बड़ा एक्शन: 10 हजार लीटर महुआ वॉश नष्ट, 8 अवैध भट्टियां ध्वस्तहिसार: नवजात की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्टफरीदाबाद: मायके में ज्यादा दिन रुकने पर गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 190 तहसीलदार और एसएलआर बने डिप्टी कलेक्टर, पदोन्नति आदेश जारीराजस्थान: सरकारी स्कूलों की मरम्मत में 503 करोड़ के कथित घोटाले पर कांग्रेस हमलावर, उच्च स्तरीय जांच की मांगसिवनी में दिनदहाड़े सूने मकान को बनाया निशाना, लाखों के जेवर और नकदी पर हाथ साफकुरुक्षेत्र: पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे बदमाश के पैर में लगी गोली, मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्तारअरवल में कुदरत का कहर: घर के आंगन में बैठी किशोरी पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर ही मौतबांसवाड़ा में पुलिस का बड़ा एक्शन: 10 हजार लीटर महुआ वॉश नष्ट, 8 अवैध भट्टियां ध्वस्तहिसार: नवजात की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्टफरीदाबाद: मायके में ज्यादा दिन रुकने पर गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मुरादाबाद: कुंदरकी उपचुनाव को लेकर सपा सांसद रुचिवीरा और भाजपा विधायक रामवीर सिंह में छिड़ी जुबानी जंग

Moradabad SP MP Ruchi Vira accuses BJP MLA Thakur Ramvir Singh of election rigging in Kunderki. कुंदरकी में चुनाव नहीं, वोटों की डकैती हुई थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 815
मुरादाबाद: कुंदरकी उपचुनाव को लेकर सपा सांसद रुचिवीरा और भाजपा विधायक रामवीर सिंह में छिड़ी जुबानी जंग
click here

कुंदरकी उपचुनाव पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप

मुरादाबाद की समाजवादी पार्टी सांसद रुचिवीरा और कुंदरकी से भाजपा विधायक ठाकुर रामवीर सिंह के बीच राजनीतिक तनातनी चरम पर है। हाल ही में कुंदरकी उपचुनाव के नतीजों और वहां की चुनावी प्रक्रिया को लेकर रुचिवीरा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुंदरकी में चुनाव नहीं, बल्कि वोटों की डकैती हुई थी और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया था। सांसद का कहना है कि यदि चुनाव निष्पक्ष होते, तो भाजपा विधायक को अपनी वास्तविक स्थिति का पता चल जाता।

सांसद रुचिवीरा ने आगे कहा कि कुंदरकी की तुर्क बिरादरी स्वाभिमानी है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी जिले की सभी छह सीटों पर भारी मतों से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने भाजपा विधायक को नसीहत देते हुए कहा कि वे मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखना छोड़ दें।

भाजपा विधायक का पलटवार

रुचिवीरा के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सांसद पर आरोप लगाया कि वे पैसे के दम पर टिकट खरीदकर सांसद बनी हैं और उन्हें जमीनी राजनीति का कोई अनुभव नहीं है। रामवीर सिंह ने कहा कि वे पिछले 30 वर्षों से कुंदरकी की जनता के बीच संघर्ष कर रहे हैं और इसी का परिणाम है कि उन्होंने रिकॉर्ड डेढ़ लाख वोटों से जीत हासिल की है।

विधायक ने यह भी दावा किया कि रुचिवीरा को उनकी अपनी पार्टी के अन्य विधायक भी स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कमाल अख्तर को छोड़कर जिले के अन्य सपा विधायक न तो उनके कार्यक्रमों में जाते हैं और न ही उन्हें आमंत्रित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिशा समिति की बैठकों में भी सपा के अन्य विधायक उनकी अध्यक्षता में शामिल होने से परहेज करते हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि और मुख्यमंत्री का बयान

यह विवाद तब और गहरा गया जब 29 जून को मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा था कि कुंदरकी की जनता ने तुर्कों को परास्त कर यह साबित कर दिया है कि वहां अब बाबर का नहीं, बल्कि रामराज चलेगा। उन्होंने कुंदरकी के मतदाताओं को ठाकुर रामवीर को विधायक बनाने के लिए धन्यवाद भी दिया था।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रुचिवीरा ने कहा था कि मुख्यमंत्री तुर्कों का इतिहास नहीं जानते। उन्होंने दोहराया कि कुंदरकी में चुनाव नहीं, बल्कि लूट हुई थी। इस बयानबाजी के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कुंदरकी सीट का समीकरण भी इस विवाद का एक बड़ा कारण है, क्योंकि यह सीट तुर्क बहुल मानी जाती है और पहली बार यहां कोई गैर-मुस्लिम नेता विधायक बना है।

पार्टी के भीतर भी कलह

रुचिवीरा का विवाद केवल भाजपा के साथ ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर के साथ भी चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में अखिलेश यादव के सामने हुई एक बैठक में सांसद और विधायक के बीच तीखी बहस हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे पर पार्टी कार्यक्रमों में न बुलाने और अनदेखी करने के आरोप लगाए थे। इस दौरान बैठक में मौजूद एक बाहरी व्यक्ति को लेकर भी काफी हंगामा हुआ था, जिसके बाद अखिलेश यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान के बीच रुचिवीरा के भाजपा में जाने की अटकलें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं, हालांकि उन्होंने इन दावों को खारिज किया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कलह को शांत करने के लिए कमाल अख्तर से मुख्य सचेतक का पद भी वापस ले लिया था, लेकिन इसके बावजूद मुरादाबाद के सपा नेताओं के बीच का मतभेद कम होता नहीं दिख रहा है।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें