करनाल: ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर रिश्वत मांगना जेई को पड़ा भारी, एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा
करनाल में कृषि भूमि पर लगा खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए बिजली निगम के जूनियर इंजीनियर ने किसान से 4 हजार रुपए रिश्वत मांग ली। शिकायत मिलने पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी जेई को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के करनाल जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जुंडला स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यालय में तैनात एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को किसान से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने अपनी सरकारी सेवा के बदले किसान से अवैध रूप से पैसे की मांग की थी।
ट्रांसफार्मर बदलने के लिए मांगी थी घूस
मामले की जानकारी के अनुसार, एक किसान की कृषि भूमि पर लगा बिजली का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इस समस्या के समाधान के लिए किसान ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के जुंडला कार्यालय में एसडीई ऑपरेशन के पास विधिवत आवेदन जमा किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और ट्रांसफार्मर बदलने की एवज में वहां तैनात जेई हरदीप सिंह ने किसान से 4 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
किसान ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से करने का निर्णय लिया। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष योजना तैयार की और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
एसीबी का जाल और गिरफ्तारी
योजना के अनुसार, जब शिकायतकर्ता किसान रिश्वत की राशि लेकर जुंडला स्थित बिजली निगम के कार्यालय पहुंचा, तो वहां पहले से ही सतर्क एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी जेई हरदीप सिंह, जो मूल रूप से कैथल के सेक्टर-19 स्थित हरिपुरा का निवासी है, को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया गया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है।
इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग के कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी की टीम ने मौके पर ही साक्ष्य जुटाए और आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू की। यह घटना सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और बानगी पेश करती है, जहां आम नागरिकों को अपने वैध कार्यों के लिए भी रिश्वत देने को मजबूर किया जाता है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए के तहत एफआईआर नंबर 31 दर्ज की है। करनाल स्थित एसीबी थाने में मामला दर्ज करने के बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन शामिल है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी भी काम के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत सतर्कता ब्यूरो को सूचित करें ताकि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!