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हरियाणा में पटवारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब स्टेट कैडर से होगी तैनाती, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

Haryana government to change patwari posting system. सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से पटवारियों के लंबे समय तक एक ही जिले में जमे रहने की समस्या खत्म होगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। वर्तमान व्यवस्था में पटवारी जिला कैडर के कर्मचारी होते हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 493
हरियाणा में पटवारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब स्टेट कैडर से होगी तैनाती, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
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हरियाणा सरकार राज्य में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्तमान में पटवारियों की नियुक्ति और तैनाती जिला स्तर के कैडर के आधार पर की जाती है, जिसे बदलकर अब स्टेट कैडर में तब्दील करने की तैयारी है। इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार के उच्च स्तर पर मंथन जारी है और जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।

एक ही जिले में लंबे समय तक तैनाती पर रोक

मौजूदा व्यवस्था में पटवारी जिला कैडर के कर्मचारी होते हैं, जिसके कारण उनका तबादला अक्सर उसी जिले के भीतर अलग-अलग सर्किलों में ही होता रहता है। इस प्रक्रिया के चलते कई पटवारी अपनी सेवा के लंबे वर्ष एक ही जिले में बिता देते हैं। सरकार का मानना है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक जमे रहने के कारण स्थानीय स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क बन जाता है, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित होती है और भ्रष्टाचार की शिकायतों को बढ़ावा मिलता है।

राजस्व विभाग को लंबे समय से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि स्थानीय प्रभाव के कारण आम जनता को भूमि रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य इस पुरानी व्यवस्था को खत्म कर प्रशासनिक नियंत्रण को अधिक चुस्त बनाना है ताकि किसी भी कर्मचारी का एक ही क्षेत्र में एकाधिकार न बन सके।

स्टेट कैडर से बदलेगी कार्यप्रणाली

स्टेट कैडर लागू होने के बाद पटवारियों की तैनाती का दायरा पूरे राज्य या डिवीजन स्तर तक बढ़ जाएगा। इससे सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह जरूरत के अनुसार किसी भी जिले में पटवारियों का तबादला कर सके। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जिन जिलों में पटवारियों की कमी है, वहां तुरंत तैनाती सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे मानव संसाधन का बेहतर प्रबंधन संभव हो पाएगा।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से जवाबदेही तय करने में आसानी होगी। जब किसी कर्मचारी को यह पता होगा कि उसका तबादला किसी अन्य जिले में भी हो सकता है, तो इससे कार्यशैली में पारदर्शिता आएगी। यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सहायक होगा, बल्कि भूमि संबंधी रिकॉर्ड के रखरखाव में भी अधिक स्पष्टता लाएगा।

प्रशासनिक नियंत्रण और भविष्य की राह

सरकार की इस कवायद को प्रशासनिक सुधार के एक बड़े हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे लागू करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस बदलाव से न केवल राजस्व विभाग की छवि सुधरेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सकेगा। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां जवाबदेही सर्वोपरि हो।

आने वाले समय में जब यह नीति पूरी तरह से लागू होगी, तो इससे पटवारियों के कार्यक्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार का स्पष्ट मानना है कि जिला कैडर की सीमाओं को तोड़कर स्टेट कैडर की ओर बढ़ना ही प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने का एकमात्र विकल्प है। फिलहाल, संबंधित विभाग इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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