ग्वालियर: दीपावली से पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की चेतावनी, नगर निगम प्रशासन की बढ़ी चिंता
नगर निगम के आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने 2 नवंबर से शहर में सफाई बंद करने की धमकी दी है। उनका कहना है कि अगर मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

दीपावली से पहले सफाई व्यवस्था पर संकट
ग्वालियर में आगामी दीपावली के त्योहार के मद्देनजर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नगर निगम के आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो वे 2 नवंबर से शहर में सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर देंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के निराकरण के लिए नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि शहर को स्वच्छ रखने वाले इन कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उन्हें मजबूरन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ रहा है।
27 अक्टूबर को महापौर के साथ निर्णायक बैठक
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सफाई मजदूर कामगार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट जयराज सिंह चौहान ने बताया कि 16 अक्टूबर से ही निगम के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों में असंतोष है। इसमें आउटसोर्स, विनियमित और सफाई कामगार शामिल हैं। इन कर्मचारियों की मांगों पर अब तक कोई सार्थक चर्चा न होने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को 27 अक्टूबर को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। महापौर ने आश्वासन दिया है कि वे कर्मचारियों के साथ हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी ताकि दीपावली के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
प्रशासन की जिम्मेदारी और भविष्य की राह
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री राकेश चौहान ने स्पष्ट किया है कि यदि 27 अक्टूबर की बैठक में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 2 नवंबर से सफाई कार्य बंद करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि शहर में गंदगी की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
नगर निगम प्रशासन के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है क्योंकि दीपावली जैसे बड़े त्योहार के समय शहर में सफाई व्यवस्था का सुचारू रहना अत्यंत आवश्यक है। महापौर ने उम्मीद जताई है कि बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा और कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
फिलहाल सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं। यदि प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो दीपावली के दौरान ग्वालियर की सड़कों पर सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नगर निगम के अधिकारी अब इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं ताकि त्योहार के दौरान शहर की स्वच्छता बनाए रखी जा सके। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में वेतन भुगतान और सेवा शर्तों में सुधार जैसे विषय प्रमुखता से शामिल हैं, जिन पर अब अंतिम निर्णय का इंतजार है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!