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ग्वालियर: 38 सीटर बस में ठूंसकर ले जाए जा रहे थे 92 बच्चे, ट्रैफिक पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने चिड़ियाघर के पास घेरा; मुरैना की कोचिंग की बस पर ठोका जुर्माना

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

3 नवंबर 20263 मिनट पढ़ें
ग्वालियर: 38 सीटर बस में ठूंसकर ले जाए जा रहे थे 92 बच्चे, ट्रैफिक पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
मूल स्रोत

क्षमता से दोगुने से अधिक बच्चे सवार

ग्वालियर में बच्चों की सुरक्षा को दरकिनार कर सड़कों पर दौड़ाई जा रही एक बस का मामला सामने आया है। मुरैना की एक कोचिंग संस्थान की बस में क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। सोमवार रात जब ट्रैफिक पुलिस ने चिड़ियाघर के पास इस बस को रोका, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। 38 सीटर इस बस में कुल 92 बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था।

यह घटना सोमवार रात करीब 9:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, कोचिंग संस्थान के संचालक इन बच्चों को पिकनिक पर ग्वालियर लेकर आए थे। वापसी के दौरान जब बस चिड़ियाघर के समीप से गुजर रही थी, तभी यातायात थाना झांसी रोड की टीम वहां नियमित चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने संदेह होने पर बस को रुकवाया और जांच शुरू की।

पुलिस की सख्ती और चालानी कार्रवाई

यातायात थाना प्रभारी वंदना राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब बस की क्षमता और उसमें सवार बच्चों की गिनती की, तो बड़ा खुलासा हुआ। बस में निर्धारित क्षमता से 54 बच्चे अधिक पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को एक छोटे वाहन में भेड़-बकरियों की तरह ले जाना न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि यह बच्चों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ भी था।

पुलिस ने तुरंत प्रभाव से बस को जब्त कर लिया और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हादसे का बना था गंभीर खतरा

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, क्षमता से अधिक सवारियां होने पर बस का संतुलन बिगड़ना आसान होता है। यदि रास्ते में अचानक ब्रेक लगाने पड़ते या कोई अनहोनी होती, तो यह ओवरलोडेड बस किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। गनीमत रही कि पुलिस ने समय रहते बस को रोक लिया और बच्चों को सुरक्षित उतार लिया गया।

इस घटना ने शहर के स्कूल और कोचिंग संचालकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई बार मुनाफे के चक्कर में संचालक सुरक्षा मानकों को ताक पर रख देते हैं, जिससे मासूमों की जान जोखिम में पड़ जाती है। इस कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।

आगे की कार्रवाई और चेतावनी

ग्वालियर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि जो भी वाहन चालक या संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को भेजने से पहले वाहन की स्थिति और क्षमता के बारे में जरूर सुनिश्चित कर लें।

फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे परिवहन नियमों का पूरी तरह पालन करें और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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