आगरा में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर एफएसडीए की सबसे बड़ी कार्रवाई, ₹3.63 करोड़ की दवाएं जब्त
उत्तर प्रदेश के आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी आपूर्ति की दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अभियान के दौरान 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की दवाएं जब्त की गईं, 8 अवैध गोदाम सील किए गए और 6 एफआईआर दर्ज की गईं। अधिकारियों के अनुसार आगरा लंबे समय से अवैध दवा नेटवर्क का प्रमुख ट्रांजिट और वितरण केंद्र बना हुआ था, जिसके खिलाफ जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा में 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी आपूर्ति की दवाएं बरामद की हैं। इस कार्रवाई के दौरान 8 अवैध गोदाम सील किए गए हैं, जबकि 6 एफआईआर दर्ज कर कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एफएसडीए मुख्यालय द्वारा गठित 25 औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमों ने 22 से 24 मई और 12 से 14 जून 2026 के बीच आगरा में व्यापक अभियान चलाया। जांच के दौरान खत्री गली, फव्वारा, संजय प्लेस, कमला नगर, झूलेलाल मार्केट और दयालबाग समेत प्रमुख दवा बाजारों, गोदामों तथा कई संदिग्ध परिसरों की तलाशी ली गई।
अभियान में 20 से अधिक दवा प्रतिष्ठानों और 12 गोदामों की जांच की गई, जहां बड़ी मात्रा में फिजिशियन सैंपल, सरकारी अस्पतालों की दवाएं, डिफेंस सप्लाई की औषधियां, एक्सपायर्ड दवाएं और संदिग्ध नकली दवाएं बरामद हुईं। अभियान के दूसरे चरण की निगरानी स्वयं एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने की।

एफएसडीए के अनुसार प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों का कहना है कि दवा माफिया, नकली दवा बनाने वाले गिरोह और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नकली दवाओं का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक आगरा अवैध दवा कारोबार का एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट और वितरण केंद्र बन चुका था, जहां से दवाओं की खेप लखनऊ, कानपुर और प्रदेश के अन्य शहरों तक पहुंचाई जाती थी।
एफएसडीए का कहना है कि लंबे समय से जुटाई गई खुफिया सूचनाओं और सुनियोजित रणनीति के आधार पर यह अभियान चलाया गया। विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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