नीट-यूजी 2026: मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू
Pawapuri Medical College MBBS BDS admission counselling schedule released for 2026. राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 में सफल अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा के तहत एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग सहित विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मेडिकल प्रवेश परीक्षा के सफल छात्रों के लिए काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 में सफलता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल घोषित कर दिया है। इस वर्ष 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा के तहत एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है। काउंसलिंग के पहले चरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 5 अगस्त से प्रारंभ होगी, जिसके बाद आवंटित कॉलेजों में नामांकन का कार्य 18 अगस्त से शुरू किया जाएगा।
इस बार की काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए एमसीसी ने इसे चार चरणों में विभाजित किया है। छात्रों को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद अपने पसंदीदा कोर्स और मेडिकल कॉलेजों का चयन कर उन्हें लॉक करने की सुविधा दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से छात्रों और उनके अभिभावकों को कॉलेजों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
पावापुरी मेडिकल कॉलेज में 120 सीटों पर होगा दाखिला
नालंदा स्थित पावापुरी मेडिकल कॉलेज में इस शैक्षणिक सत्र के लिए 120 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. सर्विल कुमारी के अनुसार, सीट आवंटन के बाद छात्रों को 'फ्रीज' और 'फ्लोट' का विकल्प दिया जाएगा। यदि कोई छात्र अपनी आवंटित सीट से संतुष्ट है, तो वह उसे फ्रीज कर सकता है, जबकि बेहतर विकल्प की तलाश में रहने वाले छात्र फ्लोट का विकल्प चुन सकते हैं।
सीट अपग्रेड करने की यह सुविधा केवल काउंसलिंग के तीसरे राउंड तक ही मान्य होगी। इसके बाद यदि कोई छात्र आवंटित सीट पर प्रवेश ले लेता है, तो वह भविष्य की किसी भी काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। इसलिए छात्रों को अपने विकल्पों का चयन करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन और फिजिकल रिपोर्टिंग
एमसीसी ने इस बार दस्तावेजों के सत्यापन के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की है, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर छात्रों को ऑनलाइन सीट छोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। अंतिम रूप से सीट आवंटित होने के बाद, छात्रों को संबंधित संस्थान में जाकर केवल एक बार फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी, जिससे प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
यह काउंसलिंग प्रक्रिया 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा की सीटों के साथ-साथ केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी और एएफएमसी जैसे संस्थानों के लिए भी प्रभावी होगी। वहीं, शेष 85 प्रतिशत राज्य कोटा की सीटों के लिए संबंधित राज्यों द्वारा अलग से काउंसलिंग आयोजित की जाएगी, जिसके लिए छात्रों को अलग से पंजीकरण करना होगा।
विशेषज्ञों की सलाह: सावधानी से भरें विकल्प
करियर विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि काउंसलिंग शुरू होने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। अपनी रैंक के आधार पर पसंदीदा कॉलेजों की एक सूची पहले से तैयार करना फायदेमंद साबित हो सकता है। च्वॉइस फिलिंग के दौरान प्राथमिकता तय करते समय पूरी सतर्कता बरतें, क्योंकि एक बार विकल्प लॉक हो जाने के बाद उनमें बदलाव करना लगभग असंभव होता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
