शिवपुरी में अवैध हथियारों की बड़ी खेप बरामद, दतिया का युवक 8 पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार
दतिया का 20 वर्षीय युवक शिवपुरी में अवैध हथियारों की खेप के साथ पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, उसके नीले रंग के बैग से 32 बोर की 8 देशी पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

शिवपुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध हथियारों के साथ तस्कर गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सिरसौद थाना पुलिस और हिम्मतपुर चौकी की संयुक्त टीम ने खोरघार की पुलिया के पास घेराबंदी कर एक युवक को भारी मात्रा में हथियारों के साथ दबोचा है। पकड़े गए आरोपी के पास से 8 देशी पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं, जो क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 20 वर्षीय अंशुल अहिरवार के रूप में हुई है। अंशुल मूल रूप से दतिया जिले के बड़ौनी थाना क्षेत्र स्थित छता गांव का निवासी है। वर्तमान में वह दतिया के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की सिद्धार्थ कॉलोनी में रह रहा था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध हथियारों की खेप लेकर इलाके से गुजरने वाला है, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया।
नीले बैग में छिपाकर ले जा रहा था घातक हथियार
पुलिस टीम ने जब खोरघार की पुलिया के पास संदिग्ध युवक को रोका, तो उसकी तलाशी ली गई। युवक के पास मौजूद एक नीले रंग के बैग की जांच करने पर पुलिस भी दंग रह गई। बैग के अंदर 32 बोर की 8 देशी पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस रखे हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में हथियारों की बरामदगी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से आरोपी को हिरासत में ले लिया और बरामद हथियारों को जब्त कर लिया।
आरोपी अंशुल अहिरवार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे थाने लाकर कड़ी पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में उसने हथियारों की तस्करी से जुड़े अपने कुछ साथियों के नाम भी उजागर किए हैं। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो दतिया और शिवपुरी के बीच हथियारों की सप्लाई का काम कर रहा था।
सप्लाई नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि अंशुल ने ये हथियार कहां से खरीदे थे और इन्हें शिवपुरी में किसे सप्लाई किया जाना था। आरोपी द्वारा बताए गए नामों के आधार पर पुलिस की टीमें फरार साथियों की तलाश में जुट गई हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस अवैध हथियार तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह बरामदगी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
आगे की कार्रवाई और जांच का दायरा
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या ये हथियार किसी स्थानीय अपराधी को दिए जाने थे या फिर इनका उपयोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की साइबर सेल और अन्य खुफिया एजेंसियां भी आरोपी के कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस तस्करी के पीछे के मास्टरमाइंड को भी बेनकाब किया जाएगा।
फिलहाल, आरोपी को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान हथियारों के स्रोत और उनके खरीदारों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगेंगे। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अवैध हथियारों के कारोबारियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!