नालंदा में साइबर ठगों का भंडाफोड़: व्हाट्सएप के जरिए लोन और लॉटरी का झांसा देकर करते थे ठगी
नालन्दा जिले की साइबर थाना पुलिस ने शुक्रवार को लोन और लॉटरी में इनाम दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

बिहार के नालंदा जिले में साइबर पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से व्हाट्सएप के माध्यम से आम लोगों को लोन दिलाने और लॉटरी में इनाम का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे थे। पुलिस को मिली तकनीकी इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
ऐसे जाल में फंसाते थे आम लोगों को
साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां निवासी 19 वर्षीय सोनू कुमार और बिहार थाना क्षेत्र के पहाड़पुरा निवासी 23 वर्षीय साहिल कुमार के रूप में हुई है। ये अपराधी खुद को भारतीय स्टेट बैंक का लोन एजेंट या केरल लॉटरी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन और मैसेज करते थे। इनका मुख्य उद्देश्य लोगों का भरोसा जीतकर उनसे प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर पैसे ऐंठना होता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर लोगों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देते थे। जब कोई व्यक्ति उनके जाल में फंस जाता था, तो वे उसे लॉटरी में करोड़ों रुपये जीतने का प्रलोभन देकर विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते थे। ठगी की रकम मिलते ही ये लोग अपना संपर्क तोड़ लेते थे।
पुलिस की छापेमारी और बरामदगी
साइबर थाना पुलिस को पोर्टल के जरिए कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया और आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद दीपनगर के डुमरावां गांव में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें तीन स्मार्टफोन और एक कीपैड फोन शामिल है।
इस सफल ऑपरेशन में साइबर थाना के दारोगा कुंदन कुमार, अबु तालीब अंसारी और उनकी टीम के अन्य पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
नागरिकों के लिए पुलिस की चेतावनी
इस घटना के बाद नालंदा पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले व्हाट्सएप मैसेज या फोन कॉल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। विशेष रूप से लोन, लॉटरी या किसी भी प्रकार के वित्तीय लाभ के लुभावने विज्ञापनों से सावधान रहना जरूरी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक या आधिकारिक संस्था व्हाट्सएप पर इस तरह के ऑफर नहीं देती है। किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे भेजने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले संबंधित विभाग से पुष्टि करना अनिवार्य है। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत नजदीकी साइबर थाने या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!