नाबालिग साली से दुष्कर्म के मामले में जीजा को 20 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना
पंचकूला फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की कोर्ट ने नाबालिग साली से रेप करने दोषी जीजा को दोषी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल की कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। डीसीपी पंचकूला अदिति सिंह ने बताया कि अगर दोषी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 6 महीने की और साधारण कैद काटनी होगी।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

पंचकूला पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला
हरियाणा के पंचकूला में एक नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी जीजा को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए यह फैसला सुनाया। इस मामले ने समाज में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाली घटना के रूप में चर्चा बटोरी थी।
अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी को 20 साल की कठोर कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने का दंड दिया है। पंचकूला की डीसीपी अदिति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि दोषी जुर्माना राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे अतिरिक्त 6 महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त, भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत भी उसे 2 साल की कैद और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
दो साल पुरानी घटना और कानूनी प्रक्रिया
यह गंभीर मामला जून 2024 में रायपुर रानी थाने में दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में अपने दामाद पर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही उसकी काउंसिलिंग भी कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि दोषी को दी गई दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि न भरने की स्थिति में उसे दो सप्ताह की अतिरिक्त साधारण कैद भी काटनी होगी। इस मामले में पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और उसे कड़ी सजा सुनाई।
पुलिस की सख्त पैरवी और सुरक्षा के दावे
पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशों के तहत महिला और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर पुलिस प्रशासन बेहद गंभीर है। हाल के समय में ऐसे जघन्य मामलों में पुलिस ने तेजी से जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। रायपुर रानी थाने की पुलिस टीम ने इस मामले में प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप दो साल के भीतर ही न्याय प्रक्रिया पूरी हो सकी।
इस घटना ने एक बार फिर परिवार के भीतर सुरक्षा के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पॉक्सो कोर्ट द्वारा सुनाई गई यह सजा समाज में एक कड़ा संदेश देगी कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
न्याय की दिशा में एक कदम
पीड़िता के लिए यह कानूनी लड़ाई काफी चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन पुलिस और न्यायपालिका के सहयोग से उसे न्याय मिला है। इस मामले में मिली सजा से पीड़िता के परिवार को बड़ी राहत मिली है। पंचकूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए उनकी प्राथमिकताएं जारी रहेंगी और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!