E20 पेट्रोल नीति के विरोध में अरविंद केजरीवाल का पीएम आवास तक मार्च, दिल्ली पुलिस ने दी चेतावनी
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज पीएम आवास तक मार्च करेंगे। केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की थी कि वे 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे पीएम आवास तक जाएंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ केजरीवाल का मोर्चा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से सरकार की E20 पेट्रोल नीति के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। केजरीवाल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस विरोध प्रदर्शन की जानकारी दी थी, जिसमें उन्होंने दोपहर 12 बजे का समय निर्धारित किया है।
केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर E20 ईंधन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में आकर इथेनॉल आयात करने का निर्णय लिया है, जो देश के आम नागरिकों के हितों के खिलाफ है। उनके अनुसार, इस नीति के कारण लोगों के वाहनों में तकनीकी खराबी आ रही है और जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
याचिका और पेट्रोल पंपों पर विकल्पों की मांग
प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल अपने साथ लगभग 100 समर्थकों को लेकर प्रधानमंत्री आवास तक जाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री को 2 लाख लोगों के हस्ताक्षर वाली जनहित याचिका सौंपना है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखा था, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने स्वयं पीएम आवास जाने का निर्णय लिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली यह कि पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल के बीच चयन करने का विकल्प मिलना चाहिए। दूसरी मांग यह है कि E20 पेट्रोल की कीमतों में कटौती की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उनका तर्क है कि सरकार का E20 पर अत्यधिक जोर किसी छिपे हुए एजेंडे की ओर इशारा करता है।
दिल्ली पुलिस की सख्ती और सुरक्षा इंतजाम
केजरीवाल के इस मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दूसरी ओर, दिल्ली बीजेपी ने केजरीवाल के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इसे 'अराजकता की राजनीति' करार दिया है। मल्होत्रा का कहना है कि केजरीवाल केवल कांग्रेस के साथ प्रतिस्पर्धा में खुद को सबसे बड़ा अराजकतावादी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति के प्रदर्शन करना और फिर पुलिस कार्रवाई के बाद विक्टिम कार्ड खेलना केजरीवाल की पुरानी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में कांग्रेस नेताओं ने भी प्रधानमंत्री आवास के घेराव का प्रयास किया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी दल एक के बाद एक ऐसे मुद्दों को उठा रहे हैं जिससे सरकार को घेरा जा सके। हालांकि, पुलिस की सख्ती और बीजेपी के कड़े रुख के कारण आज का दिन दिल्ली की राजनीति के लिए काफी गहमागहमी भरा रहने की संभावना है।
फिलहाल, केजरीवाल और उनके समर्थकों की अगली रणनीति क्या होगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। यदि पुलिस उन्हें रोकती है, तो यह देखना बाकी है कि क्या वे वहीं धरना शुरू करेंगे या कोई अन्य रास्ता अपनाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में सुरक्षा घेरे को तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!