समस्तीपुर में नियमों को ताक पर रखकर बनी 7 मंजिला इमारत, हाईकोर्ट ने 4 हफ्ते में कार्रवाई के दिए निर्देश
Samastipur illegal building construction controversy High Court directive for municipal corporation investigation. समस्तीपुर नगर निगम प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से 4 सप्ताह के अंदर मामले की जांच कर कार्रवाई का अदेश दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नियमों की अनदेखी कर खड़ी की गई इमारत
बिहार के समस्तीपुर नगर निगम क्षेत्र में भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर के बहादुरपुर मोहल्ले में एक ऐसी इमारत का निर्माण किया गया है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां मात्र 7 धूर जमीन पर जी-प्लस 2 यानी दो मंजिला मकान का नक्शा पास कराया गया था, लेकिन इसके विपरीत वहां जी-प्लस 7 यानी सात मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई। इस अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।
आरोप है कि मुजफ्फरपुर की रहने वाली रागनी वर्मा ने वार्ड संख्या 21 में इस भवन का निर्माण करवाया है। निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। पिछले आठ महीनों से इमारत के आसपास बांस-बल्ली लगाकर रखा गया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी जगह पर इतनी ऊंची इमारत खड़ी करना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की जान के लिए भी खतरा बना हुआ है।
नगर निगम की चुप्पी और हाईकोर्ट का दखल
स्थानीय निवासियों ने इस अवैध निर्माण की शिकायत कई बार नगर निगम कार्यालय में की थी। आरोप है कि निगम प्रशासन ने शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण निर्माण कार्य बेरोकटोक जारी रहा। जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मोहल्ले के लोगों ने पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। लाल बाबू महतो द्वारा दायर की गई जनहित याचिका में इस पूरे मामले की गंभीरता को उजागर किया गया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, भवन के सामने की सड़क मात्र 8 फीट चौड़ी है, जबकि नियमों के मुताबिक इतनी ऊंची इमारत के लिए सड़क की चौड़ाई पर्याप्त होनी चाहिए थी। इसके अलावा, नक्शे के विपरीत जाकर पहले फ्लोर को ही 16 फीट का बना दिया गया, जो पूरी तरह से अवैध है। मामले की सुनवाई के बाद पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे चार सप्ताह के भीतर पूरे मामले की जांच करें और नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
प्रशासन की अगली रणनीति
हाईकोर्ट के आदेश के बाद समस्तीपुर नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश ने बताया कि उन्हें अदालत का आदेश प्राप्त हो गया है। आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला न केवल एक अवैध निर्माण का है, बल्कि नगर निगम के उन अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है जिनकी देखरेख में यह निर्माण कार्य पूरा हो गया। अब सबकी नजरें प्रशासन द्वारा गठित की जाने वाली कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या प्रशासन वाकई में इस अवैध सात मंजिला इमारत पर बुलडोजर चलाएगा या फिर यह मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा, यह आने वाले चार हफ्तों में स्पष्ट हो जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
