इटावा सफारी पार्क में पर्यटकों के लिए नया आकर्षण: जल्द खुले में अठखेलियां करते दिखेंगे चार शावक
Uttar Pradesh Etawah Safari Parks new attraction awaits tourists. सफारी प्रशासन ने इन चारों शावकों को ब्रीडिंग सेंटर से स्थानांतरित कर लॉयन एनिमल हाउस-1 में शिफ्ट कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही सप्ताह के निर्धारित दिनों में इन शावकों को लॉयन सफारी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जिससे पर्यटक उन्हें प्राकृतिक वातावरण में देख सकेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

इटावा सफारी पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए एक रोमांचक खबर सामने आई है। सफारी प्रशासन ने पार्क के लॉयन सफारी क्षेत्र में चार नए शावकों को उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। अब पर्यटक इन शावकों को प्राकृतिक वातावरण में खुलेआम घूमते और अठखेलियां करते हुए देख सकेंगे। यह पहल सफारी पार्क के आकर्षण को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
ब्रीडिंग सेंटर से लॉयन एनिमल हाउस में शिफ्ट हुए शावक
सफारी प्रबंधन के अनुसार, इन चारों शावकों को अब तक ब्रीडिंग सेंटर में रखा गया था, जहाँ उनकी विशेष देखभाल की जा रही थी। अब इन्हें वहां से स्थानांतरित करके लॉयन एनिमल हाउस-1 में शिफ्ट कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में सप्ताह के कुछ निर्धारित समय पर इन शावकों को लॉयन सफारी के मुख्य क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटक उन्हें करीब से देख सकें।
शावकों को खुले वातावरण में छोड़ने की प्रक्रिया को लेकर सफारी प्रशासन ने सुरक्षा और वन्यजीवों के व्यवहार को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना तैयार की है। यह कदम न केवल पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव होगा, बल्कि शावकों के प्राकृतिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।
आवासों के बदले गए नाम, महान शेर-शेरनियों को सम्मान
सफारी पार्क की पहचान को और अधिक विशिष्ट बनाने के लिए प्रशासन ने प्रमुख लॉयन आवासों का नामकरण भी बदल दिया है। अब ब्रीडिंग सेंटर को 'नीरजा निवास' के नाम से जाना जाएगा, जो शेरनी नीरजा के सम्मान में रखा गया है, जिसने पार्क में सबसे अधिक शावकों को जन्म दिया है।
इसी तरह, लॉयन एनिमल हाउस-1 का नाम बदलकर 'कान्हा निवास' कर दिया गया है, जो बब्बर शेर कान्हा के नाम पर समर्पित है। वहीं, लॉयन एनिमल हाउस-2 को 'जैसिका निवास' नाम दिया गया है, जो शेरनी जैसिका के सम्मान में है, जिसने सबसे पहले मां बनकर अपने शावकों का सफलतापूर्वक पालन-पोषण किया था।
भविष्य की संभावनाएं और संरक्षण के प्रयास
सफारी प्रशासन ने जानकारी दी है कि हाल ही में ब्रीडिंग सेंटर में शेरनी सुधा और बब्बर शेर सिम्बा के बीच अच्छी बॉन्डिंग देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इनके बीच प्रजनन की संभावना है, जिससे सफारी में शेरों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। यह वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
इटावा सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि पार्क का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, सफल प्रजनन और पर्यटकों को एक बेहतर और शैक्षिक अनुभव प्रदान करना है। इन सभी प्रयासों के पीछे सफारी पार्क को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की मंशा है।
पर्यटकों के लिए इन शावकों का दीदार करना एक यादगार अनुभव होगा। सफारी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शावकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा, ताकि वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
