कानपुर देहात: जमीन पैमाइश के बदले घूस लेते लेखपाल का वीडियो वायरल, प्रशासन ने शुरू की जांच
Kanpur Dehat land survey bribe allegation VIDEO viral. वीडियो कानपुर देहात की रसूलाबाद तहसील का है। इसमें एक लेखपाल को किसान से पैमाइश के एवज में पैसे लेते हुए दिखाया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रसूलाबाद तहसील क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक लेखपाल पर जमीन की पैमाइश के बदले खुलेआम रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
कार के भीतर हुआ रिश्वत का लेन-देन
वायरल वीडियो करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह मामला रसूलाबाद तहसील के गोपालपुर गांव से संबंधित है। वीडियो में लेखपाल अजय वर्मा एक कार में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि पैमाइश का काम निपटाने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि लेखपाल की मौजूदगी में उनका एक निजी कर्मचारी लक्ष्मण किसान से पैसे ले रहा है और उन्हें गिन रहा है।
वीडियो में यह भी सुनाई दे रहा है कि किसान को उसका काम समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी आधिकारिक तौर पर की जानी बाकी है, लेकिन फुटेज सामने आने के बाद से ही राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
तहसील प्रशासन ने जारी किया नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए रसूलाबाद तहसील प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है। तहसीलदार संतोष कुमार सिंह ने संबंधित लेखपाल अजय वर्मा को नोटिस जारी कर इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण मांगा है। तहसीलदार ने कहा है कि वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है। यदि जांच में लेखपाल दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील के चक्कर काटने वाले किसानों को अक्सर छोटे-छोटे कामों के लिए भी रिश्वत देने को मजबूर किया जाता है, जिससे आम जनता का भरोसा व्यवस्था से कम हो रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाई
रसूलाबाद तहसील में राजस्व कर्मियों के खिलाफ शिकायतों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और पैमाइश में लापरवाही को लेकर कई लेखपालों पर गाज गिर चुकी है। हाल ही में जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद दो लेखपालों को निलंबित भी किया गया था। बावजूद इसके, रिश्वतखोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अब देखना यह होगा कि क्या इस बार प्रशासन केवल नोटिस तक सीमित रहता है या फिर दोषी लेखपाल के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, इस वीडियो के वायरल होने के बाद तहसील परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
