ब्रेकिंग
यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: चलती स्लीपर बस में लगी आग, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौतगोरखपुर: नौकरी का झांसा देकर युवक के नाम पर खोला बैंक खाता, 1.75 करोड़ का हुआ संदिग्ध लेनदेनमंडला में पैसों के लेनदेन को लेकर खूनी संघर्ष, उधारी मांगने पर युवक पर चाकू से जानलेवा हमलापटना में डेंगू का प्रकोप: 23 दिनों में 140 नए मामले, अस्पतालों में अलर्टबाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच सुलह, अयोध्या के संतों की पहल लाई रंगग्वालियर में 70 फर्जी पासपोर्ट का भंडाफोड़: एसटीएफ ने आरोपी गया प्रसाद को किया गिरफ्तारबदायूं: अफीम तस्करों को 8 लाख रुपये लेकर छोड़ने का आरोप, एक सिपाही लाइन हाजिरऑनलाइन कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: चलती स्लीपर बस में लगी आग, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौतगोरखपुर: नौकरी का झांसा देकर युवक के नाम पर खोला बैंक खाता, 1.75 करोड़ का हुआ संदिग्ध लेनदेनमंडला में पैसों के लेनदेन को लेकर खूनी संघर्ष, उधारी मांगने पर युवक पर चाकू से जानलेवा हमलापटना में डेंगू का प्रकोप: 23 दिनों में 140 नए मामले, अस्पतालों में अलर्टबाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच सुलह, अयोध्या के संतों की पहल लाई रंगग्वालियर में 70 फर्जी पासपोर्ट का भंडाफोड़: एसटीएफ ने आरोपी गया प्रसाद को किया गिरफ्तारबदायूं: अफीम तस्करों को 8 लाख रुपये लेकर छोड़ने का आरोप, एक सिपाही लाइन हाजिरऑनलाइन कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

कैथल: घटिया बीज और स्प्रे से 70 एकड़ धान की फसल बर्बाद, किसानों का फूटा गुस्सा

कैथल के गांव खेड़ी सिंबलवाली में दर्जनों किसानों की 70 एकड़ से ज्यादा धान की फसल लगाने के कुछ समय बाद ही खराब हो गई। किसानों ने बीज कंपनी पर घटिया क्वालिटी का बीज देने का आरोप लगाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
कैथल: घटिया बीज और स्प्रे से 70 एकड़ धान की फसल बर्बाद, किसानों का फूटा गुस्सा
मूल स्रोत

बीज कंपनी और दुकानदार पर लगा धोखाधड़ी का आरोप

हरियाणा के कैथल जिले के गांव खेड़ी सिंबलवाली में किसानों पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। यहां दर्जनों किसानों की करीब 70 एकड़ से अधिक धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने एक स्थानीय दुकानदार के सुझाव पर सवाना कंपनी का धान बीज खरीदा था, लेकिन फसल लगाने के कुछ समय बाद ही इसके परिणाम बेहद निराशाजनक रहे। किसानों ने बीज कंपनी और विक्रेता पर घटिया गुणवत्ता का बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप लगाया है।

पीड़ित किसानों में ऋषिपाल, सलिंद्र, सुनील, गुरदेव, राममेहर और राकेश सहित कई अन्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में फसल का फुटाव तो ठीक हुआ था, लेकिन जैसे ही दुकानदार द्वारा दिए गए कीटनाशक का छिड़काव किया गया, पूरी फसल सूखने लगी। देखते ही देखते उनकी हरी-भरी धान की फसल नष्ट हो गई, जिससे किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों मिट्टी में मिल गई।

लाखों का नुकसान, दोबारा बुवाई का समय भी नहीं

किसानों ने बताया कि उन्होंने इस फसल के लिए बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर भारी भरकम खर्च किया था। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी, लेकिन अब खेतों में केवल सूखी फसल के अवशेष बचे हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि कई किसानों ने मजबूरी में अपनी खराब हो चुकी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नष्ट कर दिया है, क्योंकि अब उसे बचाने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

किसानों का कहना है कि उन्होंने इस बार खुद की पौध तैयार नहीं की थी और पूरी तरह से दुकानदार के भरोसे पर ही यह बीज लगाया था। अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, तो दूसरी तरफ अब मौसम के इस पड़ाव पर दोबारा धान की खेती करने के लिए समय भी शेष नहीं बचा है। किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की मांग की है।

कृषि विभाग ने शुरू की जांच प्रक्रिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित किसानों ने कृषि विभाग के उपनिदेशक को लिखित शिकायत सौंपी है। किसानों ने मांग की है कि बीज और स्प्रे के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कृषि विभाग के उपनिदेशक रविंद्र हुड्‌डा ने बताया कि विभाग को किसानों की शिकायत प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें जल्द ही प्रभावित खेतों का दौरा करेंगी और फसल की स्थिति का निरीक्षण करेंगी। विभाग का कहना है कि निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही बीज कंपनी और विक्रेता के खिलाफ आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।

क्षेत्र के अन्य किसान भी अब अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बीज विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान को इस तरह की बर्बादी का सामना न करना पड़े। फिलहाल, प्रभावित किसान कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें