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अयोध्या के रुदौली और मवई में बनेंगे स्थायी हेलीपैड, 40 लाख की लागत से सुधरेगी हवाई कनेक्टिविटी

Ayodhya Rudhauli MAVAI Heliport Project 40 Lakhs. अयोध्या जिले की रुदौली विधानसभा को विधानसभा चुनाव से पहले स्थायी हेलीपैड की सौगात मिलने जा रही है। रुदौली और मवई विकासखंडों में स्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा, जिससे वीआईपी आवागमन सुगम होगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 795
अयोध्या के रुदौली और मवई में बनेंगे स्थायी हेलीपैड, 40 लाख की लागत से सुधरेगी हवाई कनेक्टिविटी
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रुदौली और मवई में स्थायी हेलीपैड के लिए भूमि का चयन

अयोध्या जिले की रुदौली विधानसभा क्षेत्र के निवासियों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। आगामी विधानसभा चुनावों और सरकारी कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए, रुदौली और मवई विकासखंडों में स्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वीआईपी आवागमन को सुगम बनाना और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना है। लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है।

स्थायी हेलीपैड के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष रणनीति अपनाई है। मुख्य विकास अधिकारी की देखरेख में गठित एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र का दौरा कर उपयुक्त स्थलों का चयन किया है। इस टीम में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, बीडीओ और एसआरटीओ जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। चयन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी बाधा न आए।

सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं का रखा गया ध्यान

हेलीपैड के लिए चुनी गई भूमि के चयन में कड़े मानकों का पालन किया गया है। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया है कि चयनित स्थल बिजली के हाई-टेंशन तारों, घने पेड़ों और अन्य बाधाओं से पूरी तरह मुक्त हों। इसके अलावा, हेलीपैड तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी को भी प्राथमिकता दी गई है। मवई विकासखंड के गनेशपुर और रुदौली विकासखंड के फिरोजपुर मझौली गांव में इसके लिए जमीन चिन्हित की गई है, जहां प्रत्येक हेलीपैड के लिए 26x26 मीटर का क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है।

लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विकल्प कन्नौजिया के अनुसार, भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। जैसे ही शासन से वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होगी, निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी महीने के भीतर निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है, जिससे जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू हो सके।

प्रशासनिक कार्यों और आपातकालीन स्थितियों में मिलेगी मदद

इस परियोजना पर कुल 40 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है, जिसमें प्रत्येक हेलीपैड के निर्माण पर लगभग 20 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। उपजिलाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि इस स्थायी ढांचे के निर्माण से सरकारी संसाधनों की काफी बचत होगी। वर्तमान में, किसी भी वीआईपी दौरे या सरकारी कार्यक्रम के लिए बार-बार अस्थायी हेलीपैड बनाने पड़ते हैं, जिसमें समय और धन दोनों का अपव्यय होता है। स्थायी हेलीपैड बन जाने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

यह कदम न केवल वीआईपी मूवमेंट के लिए उपयोगी होगा, बल्कि आपदा प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी एक बड़ी राहत साबित होगा। प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इससे भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी आसानी होगी और क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू होगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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