बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ शावक की संदिग्ध मौत, सिर में मिला गंभीर फ्रैक्चर
उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघ शावक का शव मिला। शुक्रवार को धमोखर परिक्षेत्र से जुड़े चापर राजस्व क्षेत्र में करीब पांच महीने की एक मादा बाघ शावक का शव बरामद किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां धमोखर परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चापर राजस्व क्षेत्र में एक मादा बाघ शावक का शव बरामद किया गया है। मृत शावक की उम्र लगभग पांच महीने बताई जा रही है। इस घटना के बाद से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
सिर की हड्डी में मिला फ्रैक्चर
घटना की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वन्यजीव चिकित्सकों की टीम, डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर दस्ते को मौके पर भेजा। प्रारंभिक जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि शावक के सिर की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर है। हालांकि, यह चोट किसी आपसी संघर्ष का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए वन विभाग ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शावक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और नियमानुसार शावक का अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना और उनकी मॉनिटरिंग का कार्य चल रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) समिता राजोरा और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल. कृष्णमूर्ति वर्तमान में बांधवगढ़ में ही मौजूद हैं। शावक का शव मिलने की सूचना मिलते ही इन वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और अब तक की जांच प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली।
विभाग की ओर से मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरा प्रशासन बाघों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर टीम की मदद से आसपास के इलाके की तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साक्ष्य का पता लगाया जा सके।
वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल
बांधवगढ़ जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शावक की मौत ने वन्यजीव सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, अधिकारी इसे प्राकृतिक कारणों या आपसी संघर्ष से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त बढ़ा रहे हैं ताकि अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल, पूरे मामले पर वन विभाग की टीम की पैनी नजर है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन दोषियों या किसी भी लापरवाही के पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
