उदयपुर में परिवहन विभाग का एक्शन: नियमों को ताक पर रखने वाली 3 लग्जरी बसें सीज, 6 पर भारी जुर्माना
परिवहन विभाग ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में गुरुवार को भी शहर के रेती स्टेण्ड और प्रताप नगर चौराहे पर कार्रवाई की। 3 लग्जरी स्लीपर बसें सीज की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उदयपुर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार को विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख इलाकों रेती स्टैंड और प्रताप नगर चौराहे पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी कर संचालित की जा रही बसों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई।
तीन लग्जरी बसें सीज, छह पर जुर्माना
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई में कुल 15 बसों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि कई बस संचालकों ने मोटर वाहन अधिनियम-1988 और एआईएस-119 के निर्धारित मानकों का उल्लंघन किया है। अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने 3 लग्जरी स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज कर दिया। इसके अतिरिक्त, नियमों को दरकिनार करने वाली 6 अन्य बसों के चालान काटे गए और उन पर कुल 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
यह पूरी कार्रवाई जिला और सेशन न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड सहित परिवहन निरीक्षक राजेंद्र, अजय पुरोहित और सुनील चौधरी की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के बसों में किए गए बदलाव न केवल अवैध हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं।
अनधिकृत बदलाव से बढ़ता है हादसों का जोखिम
जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड ने बताया कि लग्जरी और स्लीपर बसों में संचालकों द्वारा अपनी सुविधा के अनुसार किए जाने वाले अनधिकृत बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। अक्सर देखा गया है कि बसों की बनावट में छेड़छाड़ करने से उनका संतुलन बिगड़ जाता है, जो भीषण सड़क हादसों का मुख्य कारण बनता है। विभाग का मुख्य उद्देश्य इन बदलावों को रोककर आम जनता के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाना है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो बस संचालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी। यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में भी शहर के विभिन्न हिस्सों में औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि अवैध रूप से संचालित वाहनों पर लगाम लगाई जा सके।
नियमों के प्रति सख्ती और भविष्य की राह
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने सभी बस मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने वाहनों में कोई भी बदलाव करने से पहले निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें। बिना उचित परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र के बसों का संचालन करना कानूनी अपराध है, जिसके लिए भारी जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
उदयपुर प्रशासन का मानना है कि इस तरह के अभियानों से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और यदि किसी बस में उन्हें कोई संदिग्ध बदलाव या नियमों का उल्लंघन दिखाई दे, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!