सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील का हंगामा, फाइल फेंकने पर कोर्ट रूम से बाहर निकाला
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने जजों को आदेश देने की कोशिश की और बाद में कोर्ट रूम में फाइल फेंकते हुए अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत बाहर निकाल दिया। मामले ने कोर्ट की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

*नई दिल्ली:* सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान अदालत के साथ अभद्र व्यवहार किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के सामने चल रहा था।
सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध करने के बजाय जजों को निर्देश देने की कोशिश की। उसने लखनऊ के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग करते हुए कहा कि अदालत ऐसा करने का आदेश जारी करे। इस पर जस्टिस विश्वनाथन ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या वह अदालत को आदेश दे रहा है।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने कहा कि उसकी बात रिकॉर्ड पर है और अचानक केस से जुड़े दस्तावेज हवा में उछाल दिए। आरोप है कि उसने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ भी अभद्र टिप्पणियां कीं और कोर्ट रूम का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। इस दौरान कुछ देर के लिए अदालत की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
यह घटना पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अदालत में हुई उस घटना की याद दिलाती है, जिसमें एक वकील ने सुनवाई के दौरान आपत्तिजनक हरकत की थी। उस मामले में बाद में आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की गई थी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत की गरिमा बनाए रखना न्याय व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है और इस तरह की घटनाओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!