सिरसा: बीजेपी नेता टिशू प्रधान ने जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा से मांगी माफी, विवाद खत्म करने का किया दावा
Haryana BJP leader Tissue Pradhan apologizes to district chief. कहा-आंटी मेरे मां सामान, कुछ लोगों ने गलत फायदा उठाया, भ्रम-जाल फैलाया। टिशू प्रधान ने जिलाध्यक्ष रेणू को आंटी कहते हुए मां सामान बताया है और कहा, मैंने बिना बात किए गलत पोस्ट डाली और इसका कुछ लोगों ने गलत फायदा उठाया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बीजेपी में सुलह: जिलाध्यक्ष के सामने झुके टिशू प्रधान
हरियाणा के सिरसा जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रहा आंतरिक विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है। कालांवाली के बीजेपी नेता सुनील उर्फ टिशू प्रधान ने डबवाली की जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा से मुलाकात कर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें टिशू प्रधान जिलाध्यक्ष के साथ बैठकर अपनी गलती स्वीकार करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
मुलाकात के दौरान टिशू प्रधान ने रेणू शर्मा को 'मां समान' बताते हुए कहा कि उनके बीच जो भी मतभेद थे, वे एक मां-बेटे के आपसी विवाद जैसे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर उन्होंने गलती की, जिसका कुछ लोगों ने गलत फायदा उठाया और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलाध्यक्ष के प्रति उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं है और पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य है।
जिलाध्यक्ष ने दी नसीहत, पूर्व सांसद रहे मौजूद
इस सुलह बैठक में पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी भी मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा ने टिशू प्रधान की माफी स्वीकार करते हुए उन्हें पार्टी का एक युवा कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि टिशू ने अपनी गलती मान ली है और पार्टी को हुए नुकसान पर खेद व्यक्त किया है। रेणू शर्मा ने उम्मीद जताई कि भविष्य में टिशू प्रधान ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे। बैठक के अंत में वहां मौजूद सभी नेताओं ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाकर एकजुटता का संदेश दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले टिशू प्रधान ने सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों में उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा और जिलाध्यक्ष के व्यवहार में अहंकार है। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें मंच पर बैठने नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्होंने विरोध स्वरूप सोशल मीडिया का सहारा लिया था।
जोती सरा का रुख अभी भी स्पष्ट नहीं
हालांकि, इस पूरे विवाद में एक अन्य बीजेपी नेता सर्वजीत उर्फ जोती सरा की भूमिका अभी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जोती सरा ने भी जिलाध्यक्ष के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलते हुए उन्हें बदलने की मांग की थी। टिशू प्रधान के माफी मांगने के बाद भी जोती सरा की ओर से कोई आधिकारिक बयान या माफीनामा सामने नहीं आया है। इसके विपरीत, उनकी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में राजनीतिक कटाक्ष देखे गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं।
टिशू प्रधान का राजनीतिक सफर हालिया कालांवाली नगर पालिका चुनाव के दौरान चर्चा में आया था, जब उन्हें बीजेपी ने चेयरमैन पद का उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वे कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के करीबी माने जाते हैं। चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर गुटबाजी और हलोपा के साथ तालमेल की कमी भी हार का एक बड़ा कारण मानी गई थी।
फिलहाल, स्थानीय स्तर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस विवाद को सुलझाकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है। हालांकि, जोती सरा जैसे अन्य नेताओं की चुप्पी और उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पार्टी इस आंतरिक कलह को पूरी तरह खत्म कर पाती है या विरोध के स्वर फिर से मुखर होंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
