शाजापुर: आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने और स्वास्थ्य बीमा की मांग को लेकर खोला मोर्चा, 20 जुलाई से भोपाल में होगा बड़ा आंदोलन
शाजापुर में मध्यप्रदेश आशा-आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शाजापुर विधायक अरुण भीमावद को ज्ञापन देकर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन भेजा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के शाजापुर में आशा और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में एकत्रित हुई कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय विधायक अरुण भीमावद को एक ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भी अपनी मांगों का पत्र भेजा गया है।
वर्ष 2023 की घोषणाएं अब तक अधूरी
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में उनके हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं, लेकिन धरातल पर उनका क्रियान्वयन नहीं हो सका है। इस स्थिति के कारण प्रदेश भर की करीब 84 हजार आशा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी उनकी बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
संघ की जिला अध्यक्ष मोना प्रजापति ने बताया कि ज्ञापन में प्रमुख रूप से मानदेय में हर साल एक हजार रुपये की वृद्धि करने की मांग की गई है। इसके अलावा, पर्यवेक्षकों के लिए 15 हजार रुपये का मानदेय और यात्रा भत्ते की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही गई है। कार्यकर्ताओं ने पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा कवर देने की भी मांग रखी है।
अतिरिक्त कार्यभार और वेतन कटौती का विरोध
आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि उन पर आयुष्मान कार्ड बनाने जैसे गैर-विभागीय कार्यों का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और बिना किसी ठोस कारण के वेतन में की जाने वाली कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने पारदर्शी ऑनलाइन प्रोत्साहन राशि व्यवस्था लागू करने और रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने की भी अपील की है।
इसके अतिरिक्त, संघ ने अधिकारियों द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ किए जाने वाले अभद्र व्यवहार और मनमाने ढंग से सेवा समाप्ति की कार्रवाई पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मांग की है कि कार्यस्थल पर उन्हें सम्मानजनक वातावरण और आकस्मिक एवं साप्ताहिक अवकाश की सुविधा मिलनी चाहिए।
20 जुलाई से भोपाल में होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
अपनी मांगों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। योजना के अनुसार, 20 जुलाई से भोपाल में प्रदेश स्तरीय बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस प्रस्तावित हड़ताल के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाती हैं, और उनके काम बंद करने से टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी बाधा आ सकती है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
