संभल में प्रशासन का बड़ा एक्शन: सरकारी जमीन से अवैध ईदगाह और मस्जिद को बुलडोजर से किया ध्वस्त
संभल में मंगलवार को अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईदगाह, मस्जिद और दो मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। मौके पर पुलिस, पीएसी और आरएएफ के करीब 100 जवान तैनात रहे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को स्थानीय प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर का सहारा लिया। इस कार्रवाई के दौरान एक ईदगाह, एक मस्जिद और दो रिहायशी मकानों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया।
करीब 6 घंटे तक चला ध्वस्तीकरण अभियान
प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई करीब छह घंटे तक लगातार चली। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर ने अवैध निर्माणों को गिराने का काम किया। कार्रवाई का मुख्य केंद्र वह ईदगाह रही, जिसकी दो मीनारें लगभग 30 फीट ऊंची थीं। इन मीनारों को भी प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज थी और इस पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। पांच करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की इस बेशकीमती जमीन को मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने पहले से ही योजना तैयार कर ली थी। मंगलवार सुबह जैसे ही भारी मशीनों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, हड़कंप मच गया।
भारी सुरक्षा बल की तैनाती
किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मौके पर स्थानीय पुलिस के अलावा पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के करीब 100 जवानों को तैनात किया गया था। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में यह पूरा ऑपरेशन जमींदोज संपन्न हुआ।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई थी ताकि आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान का हिस्सा है और भविष्य में भी इसी तरह के अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख
संभल में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। जिन दो मकानों को गिराया गया, वे भी उसी विवादित भूमि पर बने हुए थे। ध्वस्तीकरण के बाद अब प्रशासन इस जमीन को पूरी तरह से अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जमीन पर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल अभी भी निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
