सहरसा: कोसी तटबंध की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील स्परों पर कड़ी निगरानी के निर्देश
बाढ़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर, वीरपुर के बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिस्सरण विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बुधवार को सहरसा जिले में पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तटबंध पर नदी के दबाव, सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ से निपटने की तैयारियों का गहन मूल्यांकन किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के सहरसा जिले में बाढ़ की संभावित चुनौतियों को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और मानसून की सक्रियता के बीच तटबंधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को वीरपुर स्थित बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिस्सरण विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने सहरसा क्षेत्र में पूर्वी कोसी तटबंध का सघन निरीक्षण किया।
संवेदनशील स्परों पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने विशेष रूप से स्पर संख्या 116.70 और 117.15 का बारीकी से जायजा लिया। ये स्थल नदी के दबाव और कटाव की दृष्टि से काफी संवेदनशील माने जाते हैं। मुख्य अभियंता ने मौके पर मौजूद अभियंताओं से इन स्परों की वर्तमान स्थिति और सुरक्षात्मक उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नदी के बहाव और तटबंध पर पड़ने वाले दबाव का आकलन करते हुए सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तटबंध के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। यदि जलस्तर में अचानक वृद्धि होती है या कटाव की कोई भी छोटी घटना सामने आती है, तो बिना किसी देरी के त्वरित सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं। विभाग का स्पष्ट मानना है कि तटबंध की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही जान-माल के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
संसाधनों की उपलब्धता और अलर्ट मोड
मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने निर्देश दिए कि बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे कि बोल्डर, बोरियां और अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में हर समय उपलब्ध रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अभियंताओं और फील्ड कर्मियों को 'अलर्ट मोड' पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। विभाग कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए संचार व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने को कहा गया है।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता विकास कुमार, कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार और बाढ़ संघर्षात्मक समिति के अध्यक्ष सहजानंद सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इन सभी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह जवाबदेह रहें।
बाढ़ प्रबंधन की चुनौती
सहरसा और आसपास के क्षेत्रों के लिए कोसी नदी का तटबंध जीवन रेखा के समान है। हर साल मानसून के दौरान नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती पेश करता है। पिछले अनुभवों को देखते हुए इस वर्ष विभाग ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्य अभियंता का यह दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है ताकि तटबंध को किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रखा जा सके।
विभाग ने स्थानीय निवासियों को भी आश्वस्त किया है कि तटबंध की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और तटबंध के पास किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या विभाग के कंट्रोल रूम को दें। आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति को देखते हुए निगरानी का दायरा और अधिक बढ़ाया जा सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
