सहरसा: कोपरिया रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का टोटा, ग्रामीणों ने सांसद प्रतिनिधि को सौंपा मांगपत्र
Kopariya railway station passenger facilities demand Saharsa Mansi rail section latest news updates. सहरसा-मानसी रेलखंड पर स्थित कोपरिया रेलवे स्टेशन पर बुनियादी यात्री सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है। बुधवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन को एक मांगपत्र सौंपा, जिसमें स्टेशन के समग्र विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सहरसा-मानसी रेलखंड पर स्थित कोपरिया रेलवे स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन से मुलाकात की और स्टेशन के कायाकल्प के लिए एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा। इस क्षेत्र के लोग लंबे समय से स्टेशन पर बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
हजारों यात्रियों के लिए प्रमुख केंद्र, फिर भी बदहाल
कोपरिया स्टेशन केवल एक स्टॉप नहीं, बल्कि सलखुआ, बनमा-इटहरी और फनगो समेत आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों के लिए आवागमन का मुख्य जरिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन की वर्तमान स्थिति अत्यंत दयनीय है। प्लेटफॉर्म की ऊंचाई कम होने और संपर्क सड़क के जर्जर होने के कारण यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्टेशन तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं होता।
मांगपत्र में ग्रामीणों ने स्टेशन के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ प्लेटफॉर्म के उच्चीकरण की मांग प्रमुखता से रखी है। इसके अलावा, स्टेशन परिसर में पर्याप्त यात्री शेड, स्वच्छ शौचालय और हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था करने की अपील की गई है। निवासियों का तर्क है कि नियमित साफ-सफाई के अभाव में स्टेशन परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिससे यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी डर बना रहता है।
प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग
सुविधाओं के साथ-साथ ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की भी पुरजोर मांग उठाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कोपरिया स्टेशन पर जनहित एक्सप्रेस और राज्यरानी एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इन ट्रेनों के रुकने से क्षेत्र के हजारों यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अन्य दूरस्थ स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, जमालपुर के साथ सीधा रेल संपर्क स्थापित करने की मांग भी रखी गई है।
इस मांग का समर्थन करने वालों में विधायक प्रतिनिधि सर्वेश साह, रंजन यादव, जवाहर यादव, अरुण कुमार, इकबाल आलम, जैनेन्द्र यादव, मिथलेश भगत और श्याम पोद्दार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कोपरिया एक कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां के किसान अपनी उपज के परिवहन के लिए पूरी तरह से रेल सेवा पर निर्भर हैं। स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में एक बड़ी बाधा बन गया है।
सांसद प्रतिनिधि ने दिया आश्वासन
ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के बाद सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मांगों को सांसद के माध्यम से रेलवे मंत्रालय के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा ताकि कोपरिया स्टेशन का विकास हो सके और यात्रियों को मिल रही परेशानियों से निजात दिलाई जा सके।
अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस मांगपत्र पर कब तक संज्ञान लेता है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्टेशन पर बुनियादी सुविधाएं बहाल होंगी और महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव शुरू होगा, जिससे इस पूरे रेलखंड के यात्रियों को राहत मिल सकेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
