राजस्थान में वीएलटीडी डिवाइस का संकट: 35 हजार ट्रक थमे, ट्रांसपोर्टरों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) अनिवार्य होने के बाद भी ट्रांसपोर्टरों को यह डिवाइस नहीं मिल रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) की भारी किल्लत के चलते राज्य का ट्रांसपोर्ट कारोबार पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। अनिवार्य नियमों के बावजूद बाजार में डिवाइस उपलब्ध न होने से हजारों वाहन मालिकों को फिटनेस और परमिट जैसी जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
35 हजार ट्रकों का संचालन प्रभावित
ट्रांसपोर्ट संगठनों के अनुसार, राज्य में लगभग 30 से 35 हजार ट्रक इस समय खड़े हो गए हैं। इन वाहनों के पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण वे सड़कों पर नहीं उतर पा रहे हैं। यदि ये वाहन बिना प्रक्रिया पूरी किए राज्य की सीमाओं में प्रवेश करते हैं, तो ई-डिटेक्शन के जरिए भारी चालान का डर बना हुआ है, जिससे माल ढुलाई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सरकार और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि वे नियमों के पालन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब बाजार में डिवाइस ही उपलब्ध नहीं है, तो वाहन मालिक नियमों का पालन कैसे करें। विभाग द्वारा चुनिंदा कंपनियों को ही अधिकृत करने से बाजार में एकाधिकार की स्थिति बन गई है।
कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का आरोप
ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि डिवाइस की कमी का फायदा उठाकर मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं। जो डिवाइस पहले 3,000 रुपये में उपलब्ध थी, अब उसकी कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है। सीमित कंपनियों के अधिकृत होने के कारण वाहन मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी रुकी हुई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया कि राजस्थान में केवल 17 कंपनियों को ही डिवाइस उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत किया गया है। अन्य राज्यों की तुलना में यह संख्या बहुत कम है, जिससे मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर पैदा हो गया है। ट्रांसपोर्टरों की मांग है कि सरकार ऐसी व्यवस्था करे जिससे सभी वाहन मालिकों को उचित मूल्य पर डिवाइस आसानी से मिल सके।
8 जुलाई को जयपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन
इस समस्या के समाधान के लिए राज्य भर के ट्रांसपोर्टरों ने एकजुट होकर संघर्ष समितियां बनाई हैं। अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर एक शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन के जरिए परिवहन विभाग पर तत्काल प्रभाव से डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दबाव बनाया जाएगा।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 8 जुलाई के धरने के बाद भी सरकार और परिवहन विभाग ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस हड़ताल के चलते प्रदेश में माल परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है, जिसका असर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी पड़ना तय है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!