राजस्थान में बसों की सुरक्षा पर सख्त हुआ रालसा: जयपुर में 6 लग्जरी बसें सीज, 16 के कटे चालान
Rajasthan (RJ) RAALSA bus safety campaign 2026 LIVE updates. प्रदेश में बस अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं के बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने प्रदेश में लग्जरी बसों की चैकिंग का एक महीन का अभियान चला रखा है। जिसमें जयपुर सहित 7 प्रमुख शहरों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (जज) लंबी दूरी की लग्जरी बसों में सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान में हाल के दिनों में बस अग्निकांड की घटनाओं में हुई वृद्धि को देखते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश भर में लग्जरी बसों की सुरक्षा जांच के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जयपुर सहित राज्य के सात प्रमुख शहरों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवों (न्यायाधीशों) ने औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जयपुर में न्यायाधीशों की सख्त कार्रवाई
जयपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर प्रथम और द्वितीय के सचिवों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में लंबी दूरी की लग्जरी बसों की सघन जांच की। डीएलएसए मेट्रो-1 के सचिव और न्यायाधीश किशोर कुमार तालेपा ने आगरा रोड और रिंग रोड के पास बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली 4 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि 9 अन्य बसों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कुल 5 लाख 26 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसी क्रम में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर द्वितीय की सचिव और न्यायाधीश पल्लवी शर्मा ने भांकरोटा बस स्टैंड पर बसों की जांच की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई बसों में इमरजेंसी गेट और खिड़कियों के सामने अतिरिक्त सीटें या बर्थ लगाई गई थीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। इन खामियों को देखते हुए मौके पर ही 2 बसों को सीज किया गया और 7 बसों के चालान काटे गए।
परमिट और फिटनेस रद्द करने के निर्देश
न्यायाधीश पल्लवी शर्मा ने परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ केवल जुर्माना लगाना ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि जो बसें सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं, उनके परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, अवैध रूप से मोडिफाई की गई बसों को जब्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों ने विशेष रूप से बसों के भीतर लगे इमरजेंसी गेट, आपातकालीन खिड़कियों और अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच की। कई बसों में इन मानकों का अभाव पाया गया, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। यह अभियान राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी जारी है ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन की चेतावनी
रालसा के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बस ऑपरेटरों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए बाध्य करना है। बस अग्निकांडों की बढ़ती घटनाओं के बाद से ही प्रशासन ने लग्जरी बसों में सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी ऑपरेटर को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और अधिक तेज किया जाएगा।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि बसों में अतिरिक्त बर्थ लगाना और इमरजेंसी निकास को अवरुद्ध करना एक गंभीर अपराध है। रालसा की इस पहल से बस संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने सभी बस मालिकों को चेतावनी दी है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही संचालित करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और परमिट निरस्तीकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी।
आने वाले समय में इस अभियान के तहत उन सभी रूटों पर नजर रखी जाएगी जहां से लंबी दूरी की लग्जरी बसें गुजरती हैं। रालसा की ओर से जारी निर्देशों के बाद परिवहन विभाग भी अब सक्रिय हो गया है और नियमित अंतराल पर बसों की चेकिंग की जा रही है ताकि सड़क सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
