ब्रेकिंग
हरदोई: बुजुर्ग की हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों पर केस दर्ज, पुरानी रंजिश बनी वजहबूंदी: बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने वाली VDO के खिलाफ ACB का केस दर्जहनुमानगढ़ में बड़ी कार्रवाई: दो हिस्ट्रीशीटर समेत 6 बदमाश हथियारों और हेरोइन के साथ गिरफ्तारइंदौर में बैंक खाते से 5 लाख की धोखाधड़ी: एफडी कराने पहुंचे तो उड़ गए थे पैसेरोहतक में अग्निवीर भर्ती रैली का बिगुल: 20 जुलाई से शुरू होगी प्रक्रिया, एडमिट कार्ड जारीबाबा रामदेव के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दर्ज, धार्मिक टिप्पणी पर मचा बवालकरनाल में 16 वर्षीय छात्र की बेरहमी से हत्या, स्कूल के पुराने विवाद की रंजिश में वारदात की आशंकासोनीपत में चोरों का आतंक: दो दिन में 10 दुकानों के ताले तोड़े, व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
हरदोई: बुजुर्ग की हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों पर केस दर्ज, पुरानी रंजिश बनी वजहबूंदी: बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने वाली VDO के खिलाफ ACB का केस दर्जहनुमानगढ़ में बड़ी कार्रवाई: दो हिस्ट्रीशीटर समेत 6 बदमाश हथियारों और हेरोइन के साथ गिरफ्तारइंदौर में बैंक खाते से 5 लाख की धोखाधड़ी: एफडी कराने पहुंचे तो उड़ गए थे पैसेरोहतक में अग्निवीर भर्ती रैली का बिगुल: 20 जुलाई से शुरू होगी प्रक्रिया, एडमिट कार्ड जारीबाबा रामदेव के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दर्ज, धार्मिक टिप्पणी पर मचा बवालकरनाल में 16 वर्षीय छात्र की बेरहमी से हत्या, स्कूल के पुराने विवाद की रंजिश में वारदात की आशंकासोनीपत में चोरों का आतंक: दो दिन में 10 दुकानों के ताले तोड़े, व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान के 35 शहरों में अब रोबोट करेंगे सीवरेज की सफाई, जहरीली गैसों का भी मिलेगा अलर्ट

ये अकेला रोबोट पांच से 6 लोगों का काम कर लेता है। महज 30 से 40 मिनट में पूरे सीवरेज चैंबर की सफाई हो जाती है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

11 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 329
राजस्थान के 35 शहरों में अब रोबोट करेंगे सीवरेज की सफाई, जहरीली गैसों का भी मिलेगा अलर्ट
click here

सीवरेज सफाई में तकनीक का बड़ा कदम

राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में सीवरेज की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब राज्य के 35 से अधिक शहरों में सीवरेज चैंबरों की सफाई इंसानों के बजाय रोबोट के माध्यम से की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों को जहरीली गैसों और जानलेवा जोखिमों से बचाना है। 'बैंडीकूट' नामक यह रोबोटिक मशीन अब मैनहोल में उतरकर सफाई का काम संभालेगी।

यह रोबोट एक साथ पांच से छह लोगों के बराबर काम करने में सक्षम है। एक सामान्य सीवरेज चैंबर की सफाई प्रक्रिया को यह मशीन महज 30 से 40 मिनट के भीतर पूरा कर लेती है। इस तकनीक के उपयोग से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप कम होने से दुर्घटनाओं की संभावना भी न्यूनतम हो गई है।

कैसे काम करती है यह रोबोटिक प्रणाली

इस रोबोट में चार अत्याधुनिक कैमरे लगे हैं, जो 30 फीट की गहराई तक सीवरेज के अंदर की स्थिति को लाइव मॉनिटर पर दिखाते हैं। इसमें एआई-आधारित हाथ और पैर लगे हैं, जो चैंबर के भीतर जमा कचरे और भारी पत्थरों को आसानी से बाहर निकाल सकते हैं। एक बार में यह मशीन करीब 25 किलो तक कचरा बाहर लाने में सक्षम है।

सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी सेंसर प्रणाली है। सीवरेज के भीतर मौजूद जहरीली गैसों, जैसे मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड की मात्रा का यह रोबोट सटीक पता लगा लेता है। गैस की अधिकता होने पर यह ऑपरेटर को तुरंत अलर्ट भेजता है, जिससे किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सकता है।

जोधपुर और जयपुर में ट्रायल सफल

वर्तमान में जोधपुर और भीलवाड़ा जैसे शहरों में इस रोबोट का ट्रायल चल रहा है, जबकि राजधानी जयपुर में तीन मशीनें पहले ही काम करना शुरू कर चुकी हैं। जोधपुर में हाल ही में किए गए एक प्रदर्शन के दौरान, रोबोट ने 20 मिनट के भीतर सीवरेज चैंबर से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर निकालकर अपनी कार्यक्षमता साबित की है।

इस परियोजना के विस्तार के तहत पाली, अजमेर, पुष्कर, जैसलमेर, करौली, राजसमंद और नाथद्वारा सहित राज्य के कई अन्य प्रमुख शहरों में भी इन रोबोट्स को तैनात किया जाएगा। जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी द्वारा विकसित यह तकनीक देश के 21 राज्यों में पहले से ही उपयोग में लाई जा रही है।

सुरक्षा और स्वच्छता का नया मानक

सीवरेज की सफाई के दौरान निकलने वाले कचरे को संभालने के लिए भी किसी कर्मचारी को हाथ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। रोबोट के साथ एक ऑटोमैटिक डस्टबिन प्रणाली जुड़ी है, जो बटन दबाते ही कचरे को सीधे डस्टबिन में डाल देती है। इस पूरी प्रक्रिया में केवल दो ऑपरेटरों की आवश्यकता होती है, जो बाहर से मॉनिटर के जरिए मशीन को नियंत्रित करते हैं।

यह तकनीक न केवल स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाएगी, बल्कि सीवरेज सफाई के दौरान होने वाली मौतों पर भी पूरी तरह लगाम लगाने में सहायक सिद्ध होगी। राज्य सरकार और नगर निकायों का प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी प्रमुख शहरों में इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जाए ताकि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें