रायबरेली विकास प्राधिकरण की OTS योजना: डिफाल्टर्स को ब्याज में भारी राहत, 17 जुलाई तक का मौका
रायबरेली विकास प्राधिकरण की वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत बकायादारों को दंड ब्याज में बड़ी छूट दी जा रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 17 जुलाई तय की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

रायबरेली विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना उन आवंटियों और डिफाल्टर्स के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जो लंबे समय से बकाया राशि और उस पर लगने वाले भारी-भरकम दंड ब्याज के बोझ तले दबे थे। उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करना और प्राधिकरण के राजस्व को सुव्यवस्थित करना है।
आवेदन प्रक्रिया और अब तक की प्रगति
प्राधिकरण के सचिव विशाल यादव ने योजना के क्रियान्वयन पर जानकारी देते हुए बताया कि आवास विभाग की इस विशेष छूट का लाभ लेने के लिए अब तक 42 डिफाल्टर्स ने अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से 9 आवेदनों को प्राधिकरण द्वारा तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। सचिव ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ लेने के लिए समय सीमा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि आवेदन की अंतिम तिथि 17 जुलाई निर्धारित की गई है।
योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले पेनल्टी इंटरेस्ट में दी जा रही छूट ने कई परिवारों के लिए अपना घर सुरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। अधिकारियों का मानना है कि जो लोग अब तक किस्तों के भुगतान में असमर्थ थे, वे इस रियायत का लाभ उठाकर अपना खाता अपडेट करवा सकते हैं।
आवंटियों को मिल रहा सीधा लाभ
इस योजना का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों में ओमप्रकाश शर्मा का नाम प्रमुख है। इंदिरा नगर स्थित आवास के मामले में उनकी पत्नी राजमनी शर्मा के नाम पर लगभग 65,000 रुपये की किस्तें बकाया हो गई थीं। ओमप्रकाश ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से उन्हें फोन पर इस योजना की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत 10,500 रुपये जमा कर अपनी बकाया राशि के निपटान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसी प्रकार के अन्य मामलों में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। कई ऐसे आवंटी जो तकनीकी कारणों या आर्थिक तंगी के चलते भुगतान नहीं कर पा रहे थे, वे अब प्राधिकरण के साथ मिलकर अपने बकाया का समाधान कर रहे हैं। इससे न केवल आवंटियों को राहत मिल रही है, बल्कि प्राधिकरण के पुराने लंबित मामलों की संख्या में भी कमी आ रही है।
व्यावसायिक विवादों के समाधान में भी सहायक
यह योजना केवल व्यक्तिगत आवंटियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक स्तर पर भी प्रभावी साबित हो रही है। 'जिला कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स' के डायरेक्टर मनोज कुमार पांडे ने बताया कि वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री इन्वेस्टर योजना के तहत उन्होंने 25 करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया था। कोरोना काल के दौरान उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों के कारण प्राधिकरण के साथ उनका विवाद चल रहा था।
मनोज कुमार पांडे के अनुसार, OTS योजना के माध्यम से उन्हें अपने व्यावसायिक विवादों को सुलझाने का एक बेहतर अवसर मिला है। इस तरह की पहल से न केवल सरकारी विभागों और निवेशकों के बीच विश्वास बढ़ता है, बल्कि रुके हुए प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलने की संभावना बनी रहती है।
प्राधिकरण प्रशासन ने सभी संबंधित लोगों से अपील की है कि वे 17 जुलाई की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए अपने दस्तावेजों के साथ कार्यालय में संपर्क करें। इस योजना का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि बकाया राशि का सरलीकरण कर आवंटियों को राहत प्रदान करना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
