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भोपाल: फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाली कोचिंगों पर गिरेगी गाज, आज से सीलिंग की कार्रवाई

Bhopal coaching classes fire safety rules violation municipal sealing action report. अब मंगलवार से निगम की टीम सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण शुरू करेगी। शपथ पत्र नहीं देने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई होगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

13 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 1.4K
भोपाल: फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाली कोचिंगों पर गिरेगी गाज, आज से सीलिंग की कार्रवाई
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नियमों के उल्लंघन पर सख्त हुआ नगर निगम

भोपाल में कोचिंग संस्थानों द्वारा अग्निशमन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना अब भारी पड़ने वाला है। नगर निगम प्रशासन ने उन संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर फायर प्लान और शपथ पत्र जमा नहीं किए हैं। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार से निगम की टीमें भौतिक सत्यापन के लिए मैदान में उतरेंगी और नियमों का पालन न करने वाली कोचिंगों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

हाल ही में लखनऊ में हुई एक दुखद अग्निकांड की घटना के बाद भोपाल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में पिछले सप्ताह नगर निगम मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 70 से अधिक कोचिंग संचालकों और भवन मालिकों को बुलाया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी संस्थान 200 रुपये के न्यायिक स्टाम्प पर शपथ पत्र के साथ अपना फायर प्लान जमा करें।

31 संस्थानों ने नहीं दिया कोई जवाब

नगर निगम द्वारा जारी नोटिस के बाद कुल 61 कोचिंग संस्थानों को चिन्हित किया गया था। इनमें से केवल 30 संस्थानों ने ही समय रहते अपने दस्तावेज और फायर प्लान जमा किए हैं। शेष 31 संस्थानों ने न तो कोई जवाब दिया और न ही सुरक्षा संबंधी शपथ पत्र प्रस्तुत किया। कुछ संचालकों ने तो यह तक कह दिया कि उन्होंने अपनी कोचिंग बंद कर दी है। अब निगम प्रशासन इन सभी संस्थानों की सूची तैयार कर भौतिक निरीक्षण की तैयारी कर चुका है।

फायर अधिकारी सौरभ पटेल के अनुसार, जिन संस्थानों ने सादे कागज पर फायर प्लान दिए थे, उन्हें भी स्वीकार नहीं किया गया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो संस्थान नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर सीलिंग की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं ये 20 बिंदु

प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के लिए 20 सूत्रीय गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग या स्टोर के रूप में ही किया जा सकेगा। 200 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली कोचिंगों में स्प्रिंकलर सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा, दो आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) होना आवश्यक है, जिनके पास कोई ज्वलनशील पदार्थ या बिजली के उपकरण नहीं रखे जा सकते।

गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि हर चार महीने में मॉक ड्रिल आयोजित करना और स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा। बिजली जाने की स्थिति में फायर पंप डीजी सेट से जुड़े होने चाहिए और एग्जिट एरिया में इलेक्ट्रिक पैनल नहीं होने चाहिए। हर फ्लोर पर एग्जिट प्लान का प्रदर्शन भी अनिवार्य किया गया है।

सुधार के लिए मिला एक महीने का समय

जिन संस्थानों ने नियमानुसार शपथ पत्र और फायर प्लान जमा कर दिए हैं, उन्हें अपनी कमियों को दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। हालांकि, इस सुधार अवधि के दौरान वे कोचिंग कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेंगे। इन संस्थानों को हर 15 दिन में अपनी प्रगति रिपोर्ट निगम को सौंपनी होगी। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही संस्थानों को दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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